कटक, (निप्र) : राज्य की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले कटक में रविवार को ‘दहीबड़ा आलूदम दिवस’ पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। जिला प्रशासन की पहल पर आयोजित इस विशेष दिवस का यह दूसरा वर्ष है। वर्ष 2025 से हर साल एक मार्च को यह दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर कटक के ऐतिहासिक बालियात्रा निचले मैदान (कटक इन कटक परिसर) में भव्य मेले का आयोजन किया गया, जहां शहर के प्रसिद्ध दहीबड़ा विक्रेताओं ने अपने-अपने स्टॉल लगाकर पारंपरिक स्वाद का प्रदर्शन किया।
दहीबड़ा आलूदम सिर्फ एक व्यंजन नहीं, बल्कि कटकवासियों की भावनाओं से जुड़ा स्वाद है। मेले में विभिन्न विक्रेताओं ने अपनी खास रेसिपी और मसालों के साथ इस लोकप्रिय स्ट्रीट फूड का जायका परोसा। स्वाद प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे दिन माहौल उत्सवमय बना रहा। कार्यक्रम में कटक के जिलाधिकारी दत्तात्रेय भाऊ साहेब शिंदे, मेयर सुभाष सिंह और फिल्म अभिनेता श्रीतम दास विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। अतिथियों ने कहा कि दहीबड़ा आलूदम को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए प्रशासन निरंतर प्रयासरत है।
उनका मानना है कि यह व्यंजन पर्यटन को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभा सकता है। इस अवसर पर जिला प्रशासन ने कुछ चुनिंदा दहीबड़ा विक्रेताओं को सम्मानित भी किया। आयोजन स्थल पर सेल्फी जोन की व्यवस्था की गई थी। रंगारंग सांस्कूतिक कार्यक्रमों ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। प्रशासन ने बताया कि कटक के दहीबड़ा आलूदम को राष्ट्रीय स्तर पर जीआई टैग दिलाने की प्रक्रिया भी जारी है। यदि यह मान्यता मिलती है तो इस पारंपरिक व्यंजन को देशभर में विशिष्ट पहचान प्राप्त होगी।