भुवनेश्वर में दो बहुमंजिला इमारतें व सात महंगे प्लॉट का खुलासा
भुवनेश्वर, (निप्र) : आय से अधिक संपत्ति (डीए) रखने के आरोप में ओडिशा विजिलेंस ने बुधवार (11 मार्च 2026) को कटक जिले के कंटापड़ा के तहसीलदार एवं ओएएस अधिकारी प्रसन्न सामंतराय से जुड़े सात ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई कटक स्थित विशेष विजिलेंस अदालत द्वारा जारी सर्च वारंट के आधार पर की जा रही है। छापेमारी के लिए गठित विजिलेंस टीम में दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एडिशनल एसपी), आठ डीएसपी, 11 निरीक्षक, पांच एएसआई तथा अन्य सहायक कर्मचारी शामिल हैं।
टीम कटक, भुवनेश्वर ( खोर्द्धा), पुरी और केंद्रापड़ा जिलों में स्थित सामंतराय से जुड़े विभिन्न परिसरों की तलाशी ले रही है। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार जिन सात स्थानों पर छापेमारी की जा रही है, उनमें भुवनेश्वर के शहीद नगर थाना क्षेत्र के मौजा केशुरा में स्थित तीन मंजिला आवासीय भवन तथा उसी इलाके में निर्माणाधीन एक और तीन मंजिला मकान शामिल हैं। इसके अलावा पुरी जिले के गडि़सागर थाना क्षेत्र के अलीबाड़ा स्थित दुचिया गांव में उनका पैतृक घर, भुवनेश्वर के लक्ष्मीसागर में एक रिश्तेदार का घर, कटक जिले के कंटापड़ा स्थित तहसील कार्यालय में उनका आधिकारिक कक्ष, कंटापड़ा स्थित सरकारी आवास तथा केंद्रापड़ा जिले के मार्शाघाई थाना क्षेत्र के बड़ापालदिया में एक अन्य रिश्तेदार का घर भी जांच के दायरे में है।
तलाशी के दौरान अब तक प्रसन्न सामंतराय और उनके परिवार के नाम पर कई संपत्तियों का पता चला है। विजिलेंस सूत्रों के अनुसार भुवनेश्वर के केशुरा इलाके में लगभग 4,065 वर्गफुट क्षेत्रफल में बना एक तीन मंजिला मकान और करीब 6,750 वर्गफुट क्षेत्रफल का एक और निर्माणाधीन तीन मंजिला भवन सामने आया है। इसके अलावा भुवनेश्वर शहर में सात महंगे प्लॉट होने की जानकारी भी मिली है। इनमें केशुरा, कोरडाकांता, बैंकुआला और मेहरपल्ली क्षेत्रों में स्थित जमीन के टुकड़े शामिल हैं। इन सभी प्लॉटों के माप और मूल्यांकन की प्रक्रिया विजिलेंस के तकनीकी विंग द्वारा की जा रही है। छापेमारी के दौरान अब तक 2 लाख 15 हजार 890 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
इसके साथ ही बैंक और डाकघर में जमा राशि तथा अन्य निवेशों का विवरण भी खंगाला जा रहा है। विजिलेंस अधिकारियों को एक चारपहिया वाहन (मारुति ब्रेजा) और तीन दोपहिया वाहन भी मिले हैं, जिन्हें जांच के दायरे में लिया गया है। सूत्रों के अनुसार प्रसन्न सामंतराय ने 21 जनवरी 2000 को सरकारी सेवा में स्थानीय निधि लेखा परीक्षक (लोकल फंड ऑडिटर) के रूप में प्रवेश किया था, उस समय उनका प्रारंभिक वेतन 5,130 रुपये था। खबर लिखे जाने तक विजिलेंस की तलाशी कार्रवाई जारी है और जांच पूरी होने के बाद संपत्तियों के वास्तविक मूल्य तथा अन्य निवेशों से जुड़ी विस्तृत जानकारी सामने आने की संभावना है।