भुवनेश्वर, (निप्र) : ओडिशा अब भी कई आवश्यक खाद्य वस्तुओं की आपूर्ति के लिए अन्य राज्यों पर काफी हद तक निर्भर है। राज्य विधानसभा में हाल ही में यह जानकारी दी गई। खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता कल्याण मंत्री कृष्ण चंद्र पात्र ने सदन में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि स्थानीय उत्पादन सीमित होने और आपूर्ति में कमी के कारण राज्य को कई प्रमुख खाद्य वस्तुएं बाहर से मंगानी पड़ती हैं। मंत्री ने बताया कि ओडिशा में खपत होने वाला अधिकांश आलू पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश से आता है।
ये दोनों राज्य यहां की बाजारों में आलू की मांग का बड़ा हिस्सा पूरा करते हैं, क्योंकि राज्य में स्थानीय उत्पादन कुल खपत के अनुरूप नहीं है। इसी तरह प्याज की आपूर्ति महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात और पश्चिम बंगाल से की जाती है। मंत्री ने आगे बताया कि गेहूं की आपूर्ति के लिए ओडिशा उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और बिहार पर निर्भर है। दाल और अन्य दलहनों के लिए राज्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल से आपूर्ति प्राप्त करता है। राज्य में खपत होने वाली चीनी मुख्य रूप से महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक से मंगाई जाती है।
दिलचस्प बात यह है कि लगभग 480 किलोमीटर लंबी समुद्री तटरेखा होने के बावजूद ओडिशा को नमक की आपूर्ति के लिए गुजरात, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता है। मंत्री के अनुसार, राज्य में नमक की वार्षिक आवश्यकता लगभग 2.08 लाख मीट्रिक टन है। यह जानकारी दर्शाती है कि कई आवश्यक खाद्य वस्तुओं की मांग पूरी करने के लिए ओडिशा को अन्य राज्यों पर काफी हद तक निर्भर रहना पड़ता है।