युवा पीढ़ी के जीवन में श्रीमद् भागवत गीता की भूमिका पर हुई चर्चा
भुवनेश्वर, (निप्र) : रमादेवी महिला विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग, काउंसलिंग एवं वेलनेस सेंटर तथा गीतानारायण आध्यात्मिक परिवार ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में श्रीमद् भागवत गीता की भूमिका विषय पर एक संगोष्ठी आयोजित की गई। इस अवसर पर मुख्य वक्ता पंडित मृत्युंजय नारायण पंडा ने कहा कि वर्तमान समय में श्रीमद् भागवत गीता युवापीढ़ी को जीवन की चुनौतियों से निपटने का सही मार्ग दिखाती है और उनकी अनेक समस्याओं के समाधान में सहायक बन सकती है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो चंडी चरण रथ तथा कुलसचिव मानस्विनी साहू ने भी गीता के महत्व पर अपना अपना मत रखा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में छात्राओं तथा अध्यापक-अध्यापिकाओं ने भाग लिया। गीतानारायण आध्यात्मिक परिवार ट्रस्ट के सचिव सुयोग्य मिश्र ने ट्रस्ट की गतिविधियों की जानकारी दी। संस्कृत विभाग के डा अखिल रंजन पाढ़ी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्कृत विभाग की संयोजक डा स्नेहलता दास के स्वागत भाषण से हुआ, जबकि काउंसलिंग एवं वेलनेस सेंटर की संयोजक डा सायंतनी बेउरा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। मंच संचालन संस्कृत विभाग के डा नीलमाधव प्रधान ने किया।