सिर पकड़कर बैठे दूल्हा-दुल्हन के परिवार, आयोजकों ने बढ़ाए दाम
भुवनेश्वर, (निप्र) : राज्य में शादी-समारोहों के आयोजन पर अब मध्य-पूर्व युद्ध का असर पडऩे लगा है। युद्ध के कारण गैस सिलेंडर की कमी अब शादी के भोज-भात को प्रभावित कर रही है। खाना बनाने के लिए आयोजक गैस कहां से लाएं, इसी चिंता में अब दूल्हा-दुल्हन के परिवार हैं। खाना तैयार करने वाले लोग गैस की कमी का हवाला देकर अब अधिक पैसे की मांग करने लगे हैं। गैस के दाम अचानक बढऩे और बुकिंग की अवधि बढ़ जाने के बाद लोग एक गैस सिलेंडर पाने के लिए अलग-अलग जगहों पर लाइन लगाने लगे हैं। सुबह होते ही गैस वितरकों के दरवाजे पर लोग सिलेंडर लेकर कतार में खड़े हो रहे हैं।
कुछ लोग गैस पाने में सफल हो रहे हैं, जबकि कुछ लोग खाली हाथ लौट रहे हैं। हालांकि दिन-प्रतिदिन स्थिति बिगड़ती जा रही है। लोग अपना काम-धंधा छोडक़र गैस पाने के लिए कतार में लग रहे हैं। राज्य में इस समय शादी का मौसम चल रहा है और गैस की कमी की खबर फैल जाने के बाद इसका सीधा असर शादी-समारोह, खासकर भोज-भात के आयोजन पर पड़ा है। खाना बनाने के लिए गैस कहां मिलेगी, इसी चिंता में आयोजक परेशान हैं। इसके लिए वे विभिन्न लोगों से अनुरोध भी कर रहे हैं, लेकिन जिनके पास सिलेंडर है वे देने के लिए तैयार नहीं हैं। हालांकि जिन लोगों ने अलग-अलग होटलों में शादी का आयोजन किया है या विभिन्न संस्थाओं को भोज आयोजन की जिम्मेदारी दी है, उनके ऊपर अब बोझ बढऩे लगा है।
गैस की कमी का बहाना दिखाकर पहले से तय कीमत को बढ़ाया जा रहा है। लोग भी स्थिति को देखते हुए ज्यादा पैसे देने के लिए मजबूर हो रहे हैं। केवल गैस संकट ही नहीं, बाजार में अचानक खाने के तेल की कीमतों में बढ़ोतरी भी एक बड़ी बाधा बन गई है। गली-मोहल्ले की छोटी-बड़ी दुकानों से लेकर बड़े-बड़े होटल और भोज तैयार करने वाले तक, सभी अब तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सामना कर रहे हैं। इसी कारण मजबूरी में भोज-भात का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है। उल्लेखनीय है कि गैस संकट की खबर फैलने के एक दिन बाद ही खाने के तेल की कीमत प्रति लीटर 15 से 20 रुपये बढ़ गई है। कई ऑनलाइन कंपनियां के पास खाद्य तेल का स्टॉक खत्म हो गया है, जबकि अधिक लाभ की उम्मीद में व्यापारी भी तेल का भंडारण कर रहे हैं। राज्य सरकार से अब इस दिशा में तुरंत कदम उठाने की मांग विभिन्न स्तरों पर उठने लगी है। विशेष रूप से किस गैस डीलर के पास कितना गैस स्टॉक है, इसकी अद्यतन जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की जा रही है।