Please wait...

 
Trending Now
  • ओडिशा प्रसिद्ध हरिराजपुर मेला संपन्न
  • राज्यसभा चुनाव कांग्रेस और बीजद ने जारी किया व्हिप
  • भारतीय रेलवे ने दो विशेष ट्रेनों को किया नियमित, मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी व रेल मंत्री को दिया धन्यवाद
  • जिंदल स्टील बनी दो लौह अयस्क ब्लॉकों की पसंदीदा बोलीदाता
  • केयर अस्पताल में किडनी पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित
Friday, Mar 13, 2026
Published on: Thursday, March 12, 2026
व्यापार

केयर अस्पताल में किडनी पर जागरुकता कार्यक्रम आयोजित


 विशेषज्ञों ने दी किडनी रोग से बचाव की सलाह
भुवनेश्वर, (निप्र) : विश्व किडनी दिवस के अवसर पर केयर अस्पताल भुवनेश्वर की ओर से एक विशेष जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को किडनी के स्वास्थ्य, किडनी रोगों की रोकथाम और अंगदान के महत्व के बारे में जागरूक करना था। कार्यक्रम में प्रमुख नेफ्रोलॉजिस्ट, यूरोलॉजिस्ट, किडनी प्रत्यारोपण करा चुके मरीजों और मीडिया प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण उन मरीजों के अनुभव साझा करना रहा, जिन्होंने केयर अस्पताल में सफलतापूर्वक किडनी प्रत्यारोपण कराया है। मरीजों ने प्रत्यारोपण से पहले की चुनौतियों और ऑपरेशन के बाद स्वस्थ व सामान्य जीवन में लौटने के अपने अनुभवों को साझा किया।
 
कार्यक्रम में डा विवेकानंद पंडा, क्लिनिकल निदेशक एवं विभागाध्यक्ष (नेफ्रोलॉजी एवं रीनल ट्रांसप्लांट) ने कहा कि जागरुकता की कमी के कारण किडनी से जुड़े रोग अक्सर देर से सामने आते हैं। उन्होंने लोगों से नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की, ताकि किडनी से जुड़ी जटिलताओं से बचा जा सके। डा अशोक पंडा, क्लिनिकल निदेशक (नेफ्रोलॉजी एवं रीनल ट्रांसप्लांट) ने अंगदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि अंतिम चरण के किडनी रोग से पीडि़त मरीजों के लिए किडनी प्रत्यारोपण सबसे प्रभावी उपचार है।
 
डा सुचरिता चक्रवर्ती, परामर्शदाता (नेफ्रोलॉजी एवं रीनल ट्रांसप्लांट) ने कहा कि मधुमेह और उच्च रक्तचाप से पीडि़त लोगों को अपनी किडनी के स्वास्थ्य की नियमित जांच करानी चाहिए, क्योंकि इन बीमारियों से किडनी को नुकसान पहुंचने का खतरा अधिक रहता है। डा सुमंत कुमार मिश्र, वरिष्ठ परामर्शदाता (रीनल ट्रांसप्लांट एवं यूरोलॉजी) ने बताया कि प्रत्यारोपण चिकित्सा में तकनीकी प्रगति और बहु-विषयक चिकित्सा पद्धति के कारण अब किडनी प्रत्यारोपण के परिणाम और मरीजों की जीवित रहने की दर में काफी सुधार हुआ है।
 
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि त्रिलोचनाथ पंडा, प्रबंध ट्रस्टी (मदर) ने अंगदान के महत्व पर जोर देते हुए लोगों से अंगदान का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक अंगदाता कई लोगों का जीवन बचा सकता है और प्रत्यारोपण की प्रतीक्षा कर रहे मरीजों को नई आशा दे सकता है। कार्यक्रम का समापन एक संवादात्मक मीडिया सत्र के साथ हुआ, जिसमें डाक्टरों ने किडनी रोग की रोकथाम, प्रत्यारोपण और अंगदान से जुड़े विभिन्न प्रश्नों के उत्तर दिए।

हाल की खबरें
Copyright © 2026 PRAJABARTA. All rights reserved.