कटक, (निप्र) : ओडिशा विजिलेंस ने गुरुवार को कटक जिले के कंटापड़ा के तहसीलदार और ओएएस अधिकारी प्रसन्न सामंतराय को आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस की ओर से सामंतराय से जुड़े कई ठिकानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। जांच के दौरान यह पाया गया कि उनके पास आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति है, जिसका वह संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके। जांच में सामने आया कि उनके पास भुवनेश्वर के शहीद नगर और केसरा क्षेत्र में दो बहुमंजिला इमारतें तथा शहर में सात उच्च मूल्य के भूखंड हैं।
इसके अलावा छापेमारी के दौरान 2.17 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए। यह छापेमारी बुधवार को कटक, खोद्र्धा (भुवनेश्वर), पुरी और केंद्रापड़ा जिलों में स्थित कुल सात स्थानों पर की गई थी। विजिलेंस की जांच के दौरान संतोषजनक जवाब न देने पर सामंतराय को गिरफ्तार कर लिया गया। प्रसन्न सामंतराय ने वर्ष 2000 में लोकल फंड ऑडिटर (एलएफए) के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। वे 9 जून 2016 तक बालासोर के ऑडिट कार्यालय में एलएफए के रूप में कार्यरत रहे।
इसके बाद 10 जून 2016 को उन्हें ओआरएस पद पर पदोन्नत कर सोरो स्थित सालंदी लिफ्ट कैनाल परियोजना में जोन अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया। वर्ष 2017 से 2022 के बीच उन्होंने पुरी जिले के सत्यबादी तथा कटक के टांगी-चौद्वार में अतिरिञ्चत तहसीलदार के रूप में कार्य किया। अक्टूबर 2022 में उन्हें ओएएस पद पर पदोन्नत कर बालेश्वर जिले के रेमुणा में तहसीलदार बनाया गया। बाद में 23 सितंबर 2025 को उनका तबादला कटक जिले के कंटापड़ा तहसीलदार के रूप में किया गया।