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Friday, Mar 13, 2026
Published on: Thursday, March 12, 2026
राज्य

यह विचारों का गठबंधन नहीं, बल्कि मजबूरी का गठबंधन है : अनिल बिस्वाल


 कांग्रेस-बीजद गठबंधन पर भाजपा प्रवक्ता ने कसा तंज
भुवनेश्वर, (निप्र) : राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में बीजू जनता दल (बीजेडी) और कांग्रेस के बीच संभावित राजनीतिक समझौते की अटकलों के बीच भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अनिल बिस्वाल की एक सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक हलकों में बहस छेड़ दी है। अनिल बिस्वाल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक ग्राफिक साझा किया, जो ‘पवित्र विवाह’ के निमंत्रण पत्र जैसा प्रतीत होता है। इसमें बीजेडी और कांग्रेस के बीच प्रतीकात्मक ‘विवाह’ को दर्शाया गया था।
 
इस पोस्ट के साथ उन्होंने दोनों दलों के बीच कथित राजनीतिक समीकरण पर टिप्पणी करते हुए आलोचना भी की। अपने पोस्ट में बिस्वाल ने अपनी टिप्पणी में लिखा, अप्रत्याशित की अपेक्षा करें। यह विचारों का गठबंधन नहीं, बल्कि मजबूरी का गठबंधन है, जहां सुविधा ने सिद्धांतों को पीछे छोड़ दिया है। बीजू जनता दल, जो कभी कांग्रेस के विरोध के लिए बनाई गई थी, अब उसी के साथ रसोई साझा कर रही है। यह बदलाव पूरी तरह पाखंड और अवसरवाद से भरा हुआ है।
 
भाजपा नेता ने इस उपमा के जरिए राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में बीजेडी और कांग्रेस के बीच बढ़ती राजनीतिक नजदीकियों पर सवाल उठाया। उन्होंने इसे राजनीति की विडंबना बताते हुए कहा कि राजनीतिक अस्पृश्यता से फिर से साथ बैठने तक का सफर सुविधा आधारित राजनीति को दर्शाता है। गौरतलब है कि इससे पहले कांग्रेस भी अतीत में भाजपा और बीजेडी के बीच इसी तरह के प्रतीकात्मक ‘विवाह’ का आरोप लगाती रही है। बिस्वाल की इस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद राजनीतिक मंचों और सोशल मीडिया पर चर्चा तेज हो गई है। 

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