भुवनेश्वर, (निप्र) : एससीबी अस्पताल अग्निकांड की घटना को लेकर विधानसभा में लगातार हंगामा जारी है। मंगलवार को भी कार्यवाही शुरू होते ही बीजद और कांग्रेस के विरध प्रदर्शन के कारण विधानसभा में कार्यवाही बाधित रही। अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी ने सदन को विभिन्न चरणों में अपराह्न 4 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। दूसरी ओर, एससीबी अग्निकांड के मुद्दे पर विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग के तत्काल इस्तीफे की मांग की।
विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए पटनायक ने कहा, जब तक मंत्री इस्तीफा नहीं देंगे, विरोध जारी रहेगा। नवीन ने आगे कहा कि मुझे यह जानकर आश्चर्य हो रहा है कि कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मरीजों की दुखद मौत के नौ दिन बाद भी एक भी केंद्रीय मंत्री अस्पताल नहीं पहुंचे। यह बेहद चौंकाने वाली बात है। हमारे सरकार के समय जब निजी मेडिकल कॉलेज में ऐसी त्रासदी हुई थी, तब कई केंद्रीय मंत्री अस्पताल पहुंचे थे। आप (मीडिया) स्वयं तुलना कर सकते हैं कि ओडिशा के लोगों के प्रति उनकी संवेदनशीलता कैसी है।
मैं फिर दोहराता हूं कि राज्य के स्वास्थ्य मंत्री को तुरंत इस्तीफा देना चाहिए। इसी बीच बीजद और कांग्रेस के विधायकों ने महालिंग के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विपक्षी सदस्य सदन के वेल में पहुंच गए, बैनर लहराए और नारेबाजी की तथा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी के बार-बार सीटों पर लौटने के आग्रह को नजरअंदाज किया।
बड़े लोगों को बचा रही है सरकार : कांग्रेस
कांग्रेस विधायक अशोक दास ने कहा कि सरकार बड़े लोगों को बचाने में सफल रही है और आम जनता को न्याय देने में विफल रही है। विपक्ष जो आवाज उठा रहा है, वह केवल विपक्ष की नहीं बल्कि लोकतंत्र की आवाज है। सरकार को चाहिए कि वह उठाए गए कदमों की जानकारी सदन में दे और सदन चलाने की व्यवस्था करे। वहीं भाजपा विधायक अशोक मोहंती ने कहा कि मेडिकल आगजनी की घटना पर सरकार ने दुख व्यञ्चत करने के साथ आवश्यक कार्रवाई भी की है और जांच अंतिम चरण में है। लेकिन विपक्ष का आचरण विधानसभा के इतिहास में एक कलंकित अध्याय बन गया है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री का इस्तीफा इस समस्या का समाधान नहीं है।