भुवनेश्वर, (निप्र): जल जीवन मिशन 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार और ओडिशा सरकार के बीच मंगलवार को नई दिल्ली में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस वर्चुअल कार्यक्रम में भुवनेश्वर के लोक सेवा भवन से मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, जबकि नई दिल्ली से केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल और राज्य मंत्री बी सोमन्ना शामिल हुए। मुख्यमंत्री माझी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में शुरू किए गए जल जीवन मिशन के तहत देश के 77.3 प्रतिशत घरों तक नल से जल पहुंचाया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने इस मिशन को 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है, जो ‘हर घर जल’ लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। माझी ने कहा कि ओडिशा ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है, जिसमें सामुदायिक भागीदारी, वित्तीय स्थिरता और ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस पॉलिसी के जरिए बुनियादी ढांचे के रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया गया है। राज्य में करीब 5,000 ग्रामीण पाइप जल योजनाओं को ‘सुजलम भारत’ प्लेटफॉर्म पर यूनिक आईडी दी गई है और सभी योजनाओं के लिए वित्तीय समन्वय सुनिश्चित किया गया है।
मिशन के कुल फंड में लगभग 40 प्रतिशत ओडिशा का है योगदान : सीएम
उन्होंने बताया कि राज्य में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 70 लीटर पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है और मिशन के कुल फंड में लगभग 40 प्रतिशत योगदान ओडिशा का है। ‘बसुधा हेल्पलाइन’, व्हाट्सऐप सेवाओं और डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली के जरिए नागरिक सेवाओं को और मजबूत किया गया है। ग्राम स्तर पर भागीदारी बढ़ाने के लिए ‘विलेज वाटर एंड सैनिटेशन कमेटी’(वीडब्ल्यूएससी) को सक्रिय किया गया है, जबकि ‘जल अर्पण दिवस’ 25 जिलों में मनाया जा चुका है और जल्द ही अन्य क्षेत्रों में भी इसका विस्तार होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मिशन से महिलाओं को काफी राहत मिली है, क्योंकि अब उन्हें पानी के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ती। साथ ही ‘जल शक्ति अभियान’ के तहत राज्य में 2.21 लाख जल संरक्षण और वर्षा जल संचयन संरचनाएं बनाई गई हैं, 43 हजार से अधिक जलाशयों का पुनरुद्धार किया गया है और 2 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने कहा कि जल जीवन मिशन 2.0 के तहत जल संकट वाले क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़ाने और खासकर महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। कार्यक्रम में पंचायत राज एवं पेयजल मंत्री रविनारायण नायक, मुख्य सचिव अनु गर्ग सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।