कटक, (निप्र) : पुरी की विश्वविख्यात रथयात्रा को लेकर तैयारियां अब विधिवत शुरू हो चुकी हैं। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की आज्ञामाल आने के बाद कटक के खापुरिया स्थित आरा मशीन परिसर में रथ निर्माण के लिए लकड़ी चीरने की पवित्र प्रक्रिया आरंभ की गई। रामनवमी के शुभ अवसर पर शुरू हुए इस अनुष्ठान ने पूरे वातावरण को भक्तमय बना दिया। शंख, घंटा और हुलहुली की ध्वनि के बीच पुजारियों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना के बाद रथ के लिए लकड़ी चीरने का कार्य शुरू हुआ।
इस दौरान मंदिर प्रशासन के अधिकारी और महाराणा सेवायत भी मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि इस वर्ष रथ निर्माण के लिए कुल 865 तना लकडिय़ों की जरूरत है। पिछले साल की 47 तना लकडिय़ां बची होने के कारण इस बार वन विभाग द्वारा 818 तना लकडिय़ां उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रारंभिक चरण में तीन धौरा लकडिय़ों को परंपरा के अनुसार चीरने का कार्य किया गया।
रथ निर्माण के लिए नयागढ़ के दशपल्ला सहित विभिन्न जिलों के जंगलों से लकड़ी एकत्र कर कटक लाया जाएगा। इनमें असन, धौरा और फासी जैसी मूल्यवान लकड़ी शामिल हैं। यहां मशीनों की मदद से इन्हें आवश्यक आकार में तैयार किया जाएगा। श्रीजगन्नाथ मंदिर के मुख्य प्रशासक अरविंद पाढ़ी ने बताया कि जल्द ही लकडिय़ों को तैयार कर पुरी भेजा जाएगा, जहां रथ निर्माण का अगला चरण शुरू होगा। गौरतलब है कि इस साल 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकलेगी। ऐसे में आज से शुरू हुई यह प्रक्रिया भक्तों के लिए आस्था और उत्साह का बड़ा संकेत मानी जा रही है।