आधुनिक औषधि विकास पर फोकस
भुवनेश्वर, (निप्र) : आयुर्वेद विज्ञान के क्षेत्र में शोध सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से शिक्षा ओ अनुसंधान विश्वविद्यालय (सोआ) और सेंट्रल काउंसिल फॉर रिसर्च इन आयुर्वेदिक साइंसेज (सीसीआरएएस) (केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान) के बीच बुधवार को एक महत्वपूर्ण समझौता पर हस्ताक्षर किए गए। सीसीआरएएस, आयुष मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था है, जो भारत में आयुर्वेद के शोध, विकास और प्रोत्साहन के लिए कार्य करती है। इस समझौते के तहत सोआ और सीसीआरएएस के केंद्रीय आयुर्वेद अनुसंधान संस्थान द्वारा आयुर्वेदिक तेल निर्माण पर दो वर्षों तक संयुक्त रूप से शोध परियोजना चलाई जाएगी।
इसका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक आयुर्वेदिक तेलों को आधुनिक स्वरूप में विकसित कर मरीजों के उपचार में अधिक प्रभावी ढंग से उपयोग करना है। इस परियोजना को सीसीआरएएस-सीएआरआई द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। शोध कार्य का नेतृत्व सोआ के स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज के प्रोफेसर अनिंद्य बोस, सीसीआरएएस-सीएआरआई के रिसर्च ऑफिसर (आयुर्वेद) डा पूर्णेंदु पटनायक तथा प्रिंसिपल एडवाइजर डा शक्तिकेतन पृष्टि संयुक्त रूप से करेंगे। समझौते पर सोआ के उपकुलपति एवं रजिस्ट्रार प्रोफेसर विभूति भूषण प्रधान और सीसीआरए एस-सीएआरआई के निदेशक डा एमएम राव ने हस्ताक्षर किए। डा राव को इस परियोजना का प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर का कार्यभार प्रदान किया गया।