कंपाउंड तीरंदाजों का दबदबा रहा, भारत ने 10 पदक जीते
रिकर्व वर्ग में लगा झटका, कोई भी नहीं जीता सोना
बैंकॉक : भारत के कंपाउंड तीरंदाजों ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए शुक्रवार को यहां एशिया कप विश्व रैंकिंग टूर्नामेंट के पहले चरण में मिश्रित टीम का स्वर्ण पदक और महिला टीम का रजत पदक जीता और पुरुषों के व्यक्तिगत वर्ग में क्लीन स्वीप किया। भारत ने दोपहर के सत्र में रिकर्व वर्ग में दो रजत पदक भी जीते। इस तरह से उसने इस प्रतियोगिता में दो स्वर्ण, चार रजत और चार कांस्य पदक जीते। भारत ने कुल 10 पदक हासिल किए जो पिछली बार के आठ पदक से अधिक है। भारत ने हालांकि पिछली बार पांच स्वर्ण पदक जीते थे। भारत को रिकर्व वर्ग में झटका लगा जिसमें कोई भी तीरंदाज स्वर्ण पदक हासिल नहीं कर सका, जबकि वे पुरुषों के व्यक्तिगत वर्ग और मिश्रित टीम स्पर्धा में खाली हाथ लौटे।
दिन का मुख्य आकर्षण पुरुषों के कंपाउंड व्यक्तिगत वर्ग में क्लीन स्वीप रहा। उदय कंबोज ने रोमांचक फाइनल में हमवतन प्रथमेश जवकर को 145-144 से हराकर अपना पहला अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीता, जबकि अनुभवी खिलाड़ी रजत चौहान ने कांस्य पदक हासिल किया। चौहान ने अंतिम सेट में अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए तीन सटीक तीर लगाकर स्थानीय खिलाड़ी पीरावत रत्तनपोंगकियात को 145-144 से हराया जिससे भारत इस स्पर्धा में क्लीन स्वीप करने में सफल रहा। भारत के दो 22 वर्षीय खिलाडय़िों के बीच हुए मुकाबले में कंबोज ने अधिक अनुभवी प्रथमेश जवकर के खिलाफ कड़े मुकाबले में 145-144 से जीत हासिल की। इस मैच में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
जवकर दूसरे सेट के बाद 59-57 से आगे थे। कंबोज ने तीसरे सेट में 87-87 के स्कोर पर बराबरी करते हुए शानदार वापसी की और फिर चौथे सेट में जवकर की थोड़ी सी चूक का फायदा उठाते हुए 116-115 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद उन्होंने अंतिम सेट में अपना संयम बनाए रखा और यादगार जीत हासिल की। अठारह वर्षीय तेजल साल्वे ने तटस्थ ध्वज के तहत प्रतिस्पर्धा कर रही रूसी तीरंदाज मारिया दिमिडियुक को 144-135 से हराकर महिला कंपाउंड व्यक्तिगत वर्ग में कांस्य पदक जीता।