कटक, (निप्र) : कटक शहर में मां बासंती दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन उत्सव रविवार को संपन्न हो गया। हजारों वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक शहर में पूरे उत्साह और उल्लास के साथ यह परंपरा निभाई गई। कमिश्नरेट पुलिस और कटक नगर शांति समिति के निर्णय के अनुसार इस वर्ष विसर्जन को दो चरणों में आयोजित किया गया था।
24 मार्च से शहर के 21 मंडपों में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की जा रही थी। पहले चरण में शनिवार को बंगाली साही, मर्कतनगर, मछुआ बाजार और वैष्णव परिवार के मंडपों की प्रतिमाएं देर रात विसर्जित की गईं। इसके बाद रविवार को शेष प्रतिमाओं का दूसरे चरण में विसर्जन किया गया। रविवार को विभिन्न साही की प्रतिमाएं भव्य शोभायात्रा के रूप में क्षेत्र भ्रमण करते हुए अपराह्न में काठजोड़ी नदी तट स्थित देवीगड़ा के कृत्रिम जलाशय की ओर बढ़ीं, जहां रात तक सभी प्रतिमाओं का विधिवत विसर्जन किया गया।
इस अवसर पर करीब 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पूरे आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। साथ ही, प्रतिमा विसर्जन मार्गों पर ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए।