पारादीप, (निप्र) : ओडिशा सरकार ने राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए पुरी, पारादीप, भुवनेश्वर और कटक को मिलाकर 2027 तक एकीकृत 'कॉमन इकोनॉमिक जोनÓ विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना का खाका तैयार किया है। अनुमान है कि इन चारों शहरी केंद्रों से मिलकर राज्य की कुल अर्थव्यवस्था का लगभग 33 प्रतिशत योगदान आएगा।
राज्य की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने पारादीप दौरे के दौरान कहा कि यह पहल केवल प्रशासनिक सीमाओं का विस्तार नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों का समेकित पुनर्संयोजन है। चारों शहरों की विशिष्टताओं को एक साझा आर्थिक तंत्र में जोड़ा जाएगा, जिससे उद्योग, पर्यटन, शिक्षा और पारंपरिक व्यवसायों को समान रूप से बढ़ावा मिले। पारादीप को इस मॉडल की औद्योगिक धुरी माना गया है। यहां का बंदरगाह ढांचा, निर्यात क्षमता और समुद्री संसाधन राज्य के औद्योगिक विस्तार को गति देंगे। वहीं पुरी की आध्यात्मिक पहचान, समुद्र तट और पर्यटन उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने की योजना है।
भुवनेश्वर को शिक्षा और ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था के केंद्र के रूप में सशक्तकिया जाएगा, जबकि कटक की पारंपरिक हस्तशिल्प कला और ऐतिहासिक विरासत को आर्थिक परिदृश्य से जोड़ा जाएगा। दौरे के दौरान मुख्य सचिव ने पारादीप समुद्र तट को अंतरराष्ट्रीय 'ब्लू फ्लैगÓ मान्यता दिलाने की दिशा में चल रहे कार्यों की समीक्षा की। लगभग सात किलोमीटर लंबे तटीय क्षेत्र का चरणबद्ध विकास प्रस्तावित है, जिसमें एक हिस्से को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। सरकार ने पहले चरण का कार्य सितंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।
इसके साथ ही बंदरगाह की क्षमता दोगुनी करने, औद्योगिक क्लस्टरों को मजबूत करने, पीसीपीआईआर और प्लास्टिक पार्क परियोजनाओं को तेज करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। अधिकारियों का मानना है कि यह 'कॉमन इकोनॉमिक जोनÓ रोजगार सृजन, अवसंरचना विकास और निर्यात वृद्धि को नई गति देगा। सरकार की दीर्घकालिक रणनीति के तहत इन चारों शहरों को आपस में बेहतर कनेक्टिविटी, औद्योगिक समन्वय और संतुलित शहरी विकास के माध्यम से एक सशक्त आर्थिक गलियारे में परिवर्तित किया जाएगा। इसे ओडिशा को पूर्वी भारत के प्रमुख आर्थिक और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में निर्णायक कदम माना जा रहा है।