भुवनेश्वर, (निप्र) : भगवान श्री जगन्नाथ जगत के स्वामी हैं, इसलिए उनके दर्शन में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं होनी चाहिए। यह विचार रखते हुए राज्य सरकार ने 'श्रीजगन्नाथ दर्शन' योजना का शुभारंभ किया है। शुक्रवार को नवरंगपुर में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस योजना की शुरुआत करते हुए सरकारी मेडिकल कॉलेज की आधारशिला भी रखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस दिन हर गरीब व्यक्ति बिना किसी बाधा के भगवान जगन्नाथ के चकानयन दर्शन कर सके और श्रद्धा भाव से आंसू बहा सके, उसी दिन उनके मुख्यमंत्री पद का असली उद्देश्य पूरा होगा और उनके लिए उस भक्त की संतुष्टि सर्वोच्च पुरस्कार होगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को नवरंगपुर, भद्रक, बारिपदा, संबलपुर और ब्रह्मïपुर जिलों से 'श्रीजगन्नाथ दर्शन' योजना का शुभारंभ किया गया। इन पांच जिलों से लगभग 500 श्रद्धालु और तीर्थयात्री एसकेट ऑफिसरों के मार्गदर्शन में पुरी की ओर यात्रा पर निकले। इस योजना के तहत इस वर्ष राज्य के 5,000 हितधारकों को और आने वाले चार वर्षों में एक लाख से अधिक योग्य हितधारकों को भगवान के दर्शन कराए जाने का लक्ष्य रखा गया है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के 60 से 75 वर्ष आयु के वरिष्ठ नागरिक और 75 वर्ष से अधिक आयु की सभी विधवा माताओं को इस योजना में शामिल किया गया है। हितधारकों के लिए एयर-कंडीशन बसों द्वारा यात्रा, पुरी में वृंदावती निवास में आवास और महाप्रसाद सेवा की पूरी व्यवस्था की गई है। साथ ही मुख्यमंत्री ने नवरंगपुर जिले के निवासियों के लंबे समय से प्रतीक्षित मेडिकल कॉलेज की आधारशिला भी रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पातालगुड़ा में 50 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में बने इस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में 100 एमबीबीएस सीट और 420 बिस्तर होंगे। इस मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की स्थापना के बाद जिले के लोग उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा के लिए जिले के बाहर नहीं जाएंगे, क्योंकि सभी अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं जिले में ही उपलब्ध होंगी।
जल्द ही चार और जिलों में शुरू होंगे मेडिकल कॉलेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीजेपी सरकार ने आने वाले केवल 20 महीनों में जाजपुर, कंधमाल और तालचेर में 3 नए मेडिकल कॉलेजों को शुरू कर दिया है। इसके साथ ही और 4 मेडिकल कॉलेज हमारी प्रतिबद्धता में शामिल थे। बहुत जल्द ढेंकानाल, जगतसिंहपुर और भद्रक में भी मेडिकल कॉलेज स्थापित होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की प्रतिबद्धता का परिणाम है, ताकि राज्यवासियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिले और राज्य में डाक्टरों की कमी दूर हो। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवरंगपुर जिले के लिए 446 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 177 विकासात्मक परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इसमें 68 करोड़ रुपये मूल्य की 112 परियोजनाओं का उद्ïघाटन और 378 करोड़ रुपये मूल्य की 65 परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई। शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, सड़क, पुल, हॉस्टल, वन सुरक्षा समिति, आंगनबाड़ी केंद्र आदि सभी परियोजनाएं नवरंगपुर के विकास यात्रा को और भी तेजी देंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले की सर्वांगीण उन्नति और विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, आवागमन, महिला सशञ्चितकरण और आत्मनिर्भरता क्षेत्रों में जिले को शीर्ष स्थान पर पहुंचाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्धतापूर्वक कदम उठा रही है। नवरंगपुर राजधानी भुवनेश्वर से बहुत दूर होने के बावजूद विकास कभी जिले के लिए दूर नहीं होगा।