बड़े प्रशासनिक व कल्याणकारी सुधारों को मिली मंजूरी
भुवनेश्वर, (निप्र) : ओडिशा जल आपूर्ति एवं सीवरेज बोर्ड (ओडब्ल्यूएसएसबी) की 28वीं बोर्ड बैठक गुरुवार को भुवनेश्वर स्थित उन्नति भवन के द्वितीय तल के सम्मेलन कक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आवास एवं शहरी विकास विभाग के मंत्री तथा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ कृष्ण चंद्र महापात्र ने की।
बैठक में लंबे समय से लंबित सेवा, वित्तीय और प्रशासनिक सुधारों पर विस्तृत चर्चा के बाद उन्हें सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत ओडब्ल्यूएसएसबी (बोर्ड कैडर) के अभियंताओं को एच एंड यूडी विभाग के पीएचई कैडर के समान पदोन्नति लाभ देने का निर्णय लिया गया। इससे सहायक परियोजना अभियंताओं की पदोन्नति संबंधी समस्याओं का समाधान होगा और उन्हें स्पष्ट करियर प्रगति का मार्ग मिलेगा।
कैडर संरचना को सुदृढ़ करते हुए डिप्टी प्रोजेक्ट इंजीनियर (डीपीई), जो सहायक कार्यपालक अभियंता (एईई) रैंक में हैं, को अब अतिरिक्त, परियोजना अभियंता के रूप में पुन: नामित किया जाएगा। यह पद स्वीकृत पदों की 40 प्रतिशत संख्या के अनुपात में पदोन्नति के माध्यम से भरा जाएगा, जिससे पारदर्शी और योग्यता आधारित उन्नति सुनिश्चित होगी। मंत्री डॉ महापात्र ने कहा कि अभियंता शहरी जल आपूर्ति और सीवरेज अवसंरचना की रीढ़ हैं और उन्हें समान अवसर देना प्रशासनिक सुधार के साथ-साथ संस्थागत उत्कृष्टता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मैदानी स्तर पर कार्यरत कर्मियों के योगदान को मान्यता देते हुए बोर्ड ने डेली लेबर रोल (डीएलआर) कर्मियों को 200 रुपये प्रतिदिन का विशेष प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया। साथ ही, 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने पर सेवा से मुख्य होने वाले डीएलआर कर्मियों को अब ग्रेच्युटी का लाभ भी मिलेगा, जिससे उन्हें आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी। वित्तीय स्वायत्तता की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बोर्ड ने निर्णय लिया कि ओडब्ल्यूएसएसबी द्वारा स्वयं के स्रोतों से अर्जित राजस्व को उसके कार्ययोजना के क्रियान्वयन में उपयोग किया जाएगा। इससे परियोजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी और संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
सुशासन को सुदृढ़ करने के लिए बोर्ड ने यह भी तय किया कि इंजीनियर-इन-चीफ (ईआईसी), ओडब्ल्यूएसएसबी, बोर्ड के सदस्य सचिव के रूप में कार्य करेंगे, जिससे निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी। जटिल तकनीकी और विधिक मामलों के समाधान हेतु सामान्य प्रशासन, वित्त तथा आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रतिनिधियों की स्थायी उप-समिति गठित करने को भी मंजूरी दी गई। बैठक में आवास एवं शहरी विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव उषा पाढ़ी सहित वॉटर कॉरपोरेशन ऑफ ओडिशा (वाटको) के प्रबंध निदेशक, ईआईसी (पीएच) और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में लिए गए निर्णयों ने राज्य में शहरी जल आपूर्ति और सीवरेज सेवाओं की दक्षता, पारदर्शिता और कर्मचारी कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।