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  • देश 31 मार्च तक माओवादियों से हो जाएगा मुक्त : अमित शाह
Saturday, Mar 7, 2026
Published on: Friday, March 06, 2026
राज्य

देश 31 मार्च तक माओवादियों से हो जाएगा मुक्त : अमित शाह


कटक, (निप्र) : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत के 31 मार्च तक माओवादियों से मुक्त हो जाने का दावा करते हुए शुक्रवार को कहा कि सुरक्षा बल आंध्र प्रदेश के तिरुपति से नेपाल के पशुपति तक लाल गलियारा बनाने का सपना देखने वालों को पराजित करेंगे। शाह ने कटक जिले के मुंडली में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के 57वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि सीआईएसएफ प्रमुख प्रतिष्ठानों को सुरक्षा प्रदान करके देश की आर्थिक वृद्धि में अहम भूमिका निभाता है। 
 
उन्होंने कहा, आज, मैं राष्ट्र को आश्वस्त करना चाहता हूं कि देश 31 मार्च तक माओवादियों से मुक्त हो जाएगा। हमारी सेनाएं तिरुपति से पशुपति तक लाल गलियारा बनाने का सपना देखने वालों को पराजित करेंगी। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश से नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ फेंकना सुरक्षा बलों के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने कहा, हमारे सुरक्षा बल अपेक्षाओं पर खरे उतरे हैं और देश अब लाल विद्रोहियों का सफाया करने के कगार पर है। 
 
समारोह को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने देश के प्रमुख प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और औद्योगिक विकास में सीआईएसएफ के जवानों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा, मैं सीआईएसएफ के 57वें स्थापना दिवस के अवसर पर देश को सुरक्षा प्रदान करने वाले सभी जवानों और उनके परिवारों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। भारत को विश्व की महानतम अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य औद्योगिक विकास के बिना संभव नहीं है और उस विकास की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत औद्योगिक सुरक्षा बल का होना आवश्यक है।
 
 
उन्होंने कहा कि पिछले 56 वर्षों में सीआईएसएफ ने न केवल अपनी जिम्मेदारियों को मजबूती से निभाया है, बल्कि समय के साथ स्वयं को भी विकसित किया है। अमित शाह ने कहा, वीरता, त्याग और आत्मसंयम भारत के गौरवशाली इतिहास की पहचान रहे हैं। इन गुणों को समर्पण और आधुनिक हथियारों के साथ  जोड़कर सीआईएसएफ ने हर प्रकार की चुनौतियों का सामना करने का साहस दिखाया है। मैं बल के सभी जवानों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।
गृह मंत्री ने यह भी कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने और देश के औद्योगिक विस्तार को सुरक्षित रखने में सीआईएसएफ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगी।
 
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कई स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को भी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनमें शहीद राजगुरु, बक्शी जगबंधु और वीर सुरेंद्र साए शामिल हैं। उन्होंने देश के सबसे कम उम्र के शहीद बाजी राउत को भी नमन किया। इससे पहले यहां भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर राज्य के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा, राज्य भाजपा अध्यक्ष मनमोहन सामल तथा अन्य नेताओं ने उनका स्वागत किया। आगमन के तुरंत बाद वे मुंडली के लिए रवाना हो गए, जहां सीआईएसएफ के स्थापना दिवस के आधिकारिक कार्यक्रम में उन्होंने भाग लिया।
 
शाह ने इस अवसर पर 890 करोड़ की लागत से सीआईएसएफ से जुड़े 3 आवासीय परिसरों (कामरूप, नासिक और सीहोर) का शिलान्यास और 2 आवासीय परिसरों (राजरहाट और दिल्ली) का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय गृह सचिव और महानिदेशक, सीआईएसएफ सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
 

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