कटक, (निप्र) : अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन, काठगड़ा साही स्थित तेरापंथ भवन में किया गया। पिछले 18 वर्षों से अभातेमम के निर्देशन में कटक मंडल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन कर रही है। अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल तेरापंथ जैन समाज का सशक्त महिला संगठन है जिसकी भारत एवं नेपाल में 500 से अधिक शाखाएं तथा 65,000 से अधिक सक्रिय महिला सदस्यों का विशाल नेटवर्क है। लगभग पांच दशकों से अभातेमम महिला सशक्तिकरण, संस्कार निर्माण और सामाजिक जागरुकता के विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए निरंतर कार्यरत है।
प्रति वर्ष अभातेमम के निर्देशन में अलग-अलग विषयों पर आज के ही दिन हम एक ऐसी महिला का सम्मान करते हैं जो महिला सशक्तिकरण की मिसाल हो एवं जिसने अपना पूरा जीवन स्वावलंबन से स्वाभिमान के साथ जिया हो। इसी के अंतर्गत इस बार हमने ऐसी तीन माताओं को प्रेरणा सम्मान प्रदान किया गया। जिन्होंने अपने संस्कार से बच्चों में संयम के संस्कार भरें और आज वे तेरापंथ धर्मसंघ के अनुशासता युगप्रधान आचार्य श्री महाश्रमणजी के शासनकाल में साधना कर रहे हैं वे स्वयं का कल्याण तो कर ही रहें हैं साथ ही समाज को भी नई दिशा दे रहे हैं।
समाज के लिए प्रेरणा स्रोत महिलाएं-प्रेमलता सिंघी जिनके सुपुत्र मुनि श्रीआकाश, ललिता बुच्चा की सुपुत्री साध्वीश्री कल्याण प्रभाजी एवं सविता सेठिया की सुपुत्री मुमुक्षु कोमल सेठिया, इन तीनों ही माताओं को अपने बच्चों में आध्यात्म के संस्कार देने हेतु तेरापंथ महिला मंडल, कटक द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दूसरे चरण में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के साथ एनजीओ मीट रखा गया जिसमें गृहलक्ष्मी स्वाभिमान अभियान के तहत विभिन्न विषयों पर चर्चा परिचर्चा की गई। इसमें कहा गया कि हालांकि आज महिलाएं हर जगह अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं, लेकिन जो घरेलू महिलाएं हैं उनको समानता का अधिकार प्राप्त नहीं है उन पर अत्याचार होता है, घरेलू हिंसा का शिकार होती है, उन्हें बराबर का अधिकार प्राप्त नहीं है।
एक महिला को भी सपने देखने का और उसे सच में बदलने का अधिकार होना चाहिए। उन महिलाओं में जागृति फैलाने के लिए ही कार्यक्रम रखा गया। हर महिला को पता होना चाहिए कि सामाजिक, प्रशासनिक एवं राजनीतिक स्तर पर उसके क्या अधिकार है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विधायक सोफिया फिरदौस शामिल हुईं। इस अवसर पर उन्होंने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम का शुभारंभ नमस्कार महामंत्र से हुआ। मंगल स्वरों में मंडल की बहनों द्वारा मंगलाचरण किया गया। श्रावक निष्ठा पत्र का वाचन पूर्वाध्यक्ष सुमनश्री बेताला ने किया। अध्यक्ष सुनीता बैंगानी ने सभी का स्वागत किया। अभातेमम कमेटी सदस्य इंदिरा लूनिया ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे। समाज के गणमान्य सदस्य भी उपस्थित हुए एवं अपने विचार रखे।