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  • पश्चिम एशिया संघर्ष : घरेलू व वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़े
Sunday, Mar 8, 2026
Published on: Saturday, March 07, 2026
देश

पश्चिम एशिया संघर्ष : घरेलू व वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़े


नई दिल्ली, (एजेंसी) : पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच घरेलू एलपीजी (तरलीकृत पेट्रोलियम गैस) सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये और वाणिज्यिक सिलेंडर की कीमत में 114.5 रुपये की वृद्धि की गई है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली में अब गैर-सब्सिडी वाली एलपीजी (जिसका इस्तेमाल उज्ज्वला लाभार्थियों के अलावा आम घरेलू उपभोक्ता अपनी रसोई में करते हैं) का 14.2 किलोग्राम का सिलेंडर 913 रुपये में मिलेगा जबकि पहले इसकी कीमत 853 रुपये थी। एक साल से भी कम समय में कीमत में दूसरी बार बढ़ोतरी की गई है।
 
इस उद्योग से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि यह बढ़ोतरी पश्चिम एशिया में सैन्य संघर्ष शुरू होने के बाद वैश्विक ऊर्जा कीमतें तेजी से बढऩे के बाद की गई है। उन्होंने कहा कि कीमत बढऩे के बावजूद पड़ोसी देशों की तुलना में भारत में रसोई गैस की कीमत सबसे कम है। वेबसाइट के अनुसार, कीमत में यह बढ़ोतरी आज यानी सात मार्च से प्रभावी है। कीमत में 11 महीने में दूसरी बार बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले पिछले साल अप्रैल में कीमत में 50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। आईओसी की वेबसाइट के अनुसार, मुंबई में गैर-सब्सिडी वाली एलपीजी अब 912.50 रुपये, कोलकाता में 939 रुपये और चेन्नई में 928.50 रुपये की हो गई है।
 
स्थानीय बिक्री कर या मूल्य वर्धित कर (वैट) की दरों के आधार पर राज्यों में दरें अलग-अलग होती हैं। उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों यानी 2016 में योजना शुरू होने के बाद से मुफ्त एलपीजी कनेक्शन पाने वाले 10 करोड़ से अधिक गरीब लोगों को एक साल में 12 बार 14.2 किलोग्राम के हर सिलेंडर पर 300 रुपये की सब्सिडी मिलती रहेगी। होटल और रेस्तरां जैसे प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल की जाने वाली वाणिज्यिक एलपीजी की कीमत 19 किलोग्राम के हर सिलेंडर पर 114.5 रुपये बढ़ाई गई है। अब दिल्ली में इसकी कीमत 1,883 रुपये है। यह बढ़ोतरी एक मार्च को 19 किलोग्राम के हर सिलेंडर पर 28 रुपये बढ़ाए जाने के बाद की गई है। इस साल वाणिज्यिक एलपीजी की दरों में 302.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई है।
 
पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से टैंकरों की आवाजाही लगभग रुक गई है। यह तेल और गैस निर्यात के लिए उपयोग किया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है। पिछले महीने 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के बाद से कच्चा तेल 35.63 प्रतिशत बढक़र 90.90 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर पहुंच गया। इसी तरह, एशियाई एलएनजी (एलएनजी) की कीमतें पिछले सप्ताह के 10 डॉलर से बढक़र 25.40 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू के तीन साल के उच्च स्तर पर पहुंच गई हैं। भारत अपनी एलपीजी खपत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। आयातित मात्रा का 85-90 प्रतिशत हिस्सा सऊदी अरब जैसे देशों से आता है जो पारगमन के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भर हैं।

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