नए आपराधिक कानूनों की मिल रही जानकारी
भुवनेश्वर, (निप्र) : ओडिशा पुलिस की ओर से इडको प्रदर्शनी मैदान में आयोजित न्याय संहिता प्रदर्शनीज् में शनिवार को उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। समाज के विभिन्न वर्गों के लोग प्रदर्शनी में पहुंचकर भारत के नए आपराधिक कानूनों के बारे में जानकारी प्राप्त कर रहे हैं और जागरूक हो रहे हैं। प्रदर्शनी में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, जागरूक नागरिक, बुद्धिजीवी, ऑटो चालक महासंघ के पदाधिकारी तथा विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के सदस्य पहुंचे और प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
यहां डिजिटल डिस्प्ले, सूचनात्मक पैनल और व्याख्यात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से आगंतुकों को भारत के नए आपराधिक कानूनों, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए), के बारे में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। प्रदर्शनी में अपराध स्थल से हाईकोर्ट तक की पूरी न्यायिक प्रक्रिया को समन्वित और शिक्षाप्रद तरीके से प्रस्तुत किया गया है। गृह मंत्रालय (भारत) द्वारा अनुमोदित १० स्टॉल लगाए गए हैं, जिनमें अपराध स्थल की जांच, ११२ आपातकालीन सेवा, थाना की कार्यप्रणाली, अस्पताल समन्वय, फोरेंसिक प्रयोगशाला, लोक अभियोजन, जिला अदालत, कारागार और हाईकोर्ट की कार्य प्रणाली के बारे में जानकारी दी जा रही है।
इसके अलावा प्रदर्शनी में नए कानूनों के क्रियान्वयन की विशेष योजनाओं, पुलिस आधुनिकीकरण और सशञ्चितकरण, महिलाओं के खिलाफ अपराधों की रोकथाम, माओवादी विरोधी अभियानों में स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) की भूमिका तथा प्राकृतिक आपदाओं के समय ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ओडीआरएएफ) के योगदान को भी दर्शाया गया है। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को देश के नए आपराधिक कानूनों के बारे में जागरूक करना और डिजिटल व न्याय-केंद्रित आपराधिक न्याय प्रणाली से परिचित कराना है। यहां आने वाले दर्शक नए कानूनों की प्रमुख विशेषताओं के साथ-साथ पुलिस की आधुनिक तकनीक आधारित जांच प्रणाली और कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि यह प्रदर्शनी १० मार्च तक जारी रहेगी। ओडिशा पुलिस ने अधिक से अधिक लोगों से प्रदर्शनी में पहुंचकर नए कानूनों के बारे में जानकारी प्राप्त करने की अपील की है।