भुवनेश्वर, (निप्र) : राज्य सरकार ने राज्य में नए सब-ट्रेजरी (उप-कोषागार) नहीं खोलने का निर्णय लिया है, क्योंकि कोषागार से संबंधित अधिकांश सेवाएं अब ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जा रही हैं। पेंशन वितरण से लेकर चालान जमा करने और बिल प्रसंस्करण तक की अनेक प्रक्रियाएं वर्तमान में ई-वाउचर प्रणाली के माध्यम से डिजिटल तरीके से पूरी की जा रही हैं। इससे भौतिक कोषागार कार्यालयों की आवश्यकता काफी कम हो गई है। यह जानकारी राज्य के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने विधानसभा में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की ओर से दिए गए उत्तर में साझा की।
मंत्री ने बताया कि कोषागार सेवाओं के डिजिटलीकरण से विभिन्न विभागों के अधिकारियों को कई प्रशासनिक कार्य बिना कोषागार कार्यालय जाए ही पूरे करने की सुविधा मिल रही है। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर (डीडीओ) अब ट्रेजरी पोर्टल के माध्यम से अपने बिल और आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन तैयार कर पा रहे हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यों में काफी सरलता आई है। ई-वाउचर प्रणाली के लाभों का उल्लेख करते हुए हरिचंदन ने कहा कि अब अधिकारियों को नियमित वित्तीय कार्यों के लिए कोषागार जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
उन्होंने कहा, विभिन्न विभागों के डीडीओ ट्रेजरी पोर्टल के माध्यम से अपने कार्यों से संबंधित बिल और दस्तावेज ऑनलाइन तैयार कर रहे हैं। ई-वाउचर प्रणाली लागू होने से उन्हें अपने कार्यों के लिए कोषागार जाने की जरूरत नहीं पड़ती। मंत्री ने आगे बताया कि इस डिजिटल व्यवस्था से सरकारी खातों के प्रबंधन और पेंशन भुगतान की प्रक्रिया भी अधिक सुगम हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार के मासिक खातों को अब ऑनलाइन ही कैग (सीएजी) को भेजा जा सकता है और पेंशनभोगियों को भी उनकी पेंशन ऑनलाइन प्राप्त हो रही है। राज्य में वर्तमान में कुल 169 कोषागार कार्यरत हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऑनलाइन व्यवस्था के चलते नए सब-ट्रेजरी खोलने की आवश्यकता नहीं है।