भुवनेश्वर, (निप्र) : मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि नई आपराधिक न्याय संहिताओं के बारे में आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित भारीय न्याय संहिता प्रदर्शनी एक महत्वपूर्ण पहल है। भुवनेश्वर के यूनिट-3 स्थित इडको मैदान में आयोजित इस प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री ने मंगलवार को अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि नई कानून व्यवस्था भारतीय समाज की आवश्यकताओं और नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक देश में औपनिवेशिक काल की कानून व्यवस्था लागू रही, लेकिन अब भारतीय न्याय संहिता के माध्यम से न्याय प्रणाली को अधिक आधुनिक, प्रभावी और जन-केंद्रित बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस नई व्यवस्था से कानून व्यवस्था और मजबूत होगी तथा आम लोगों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया और अधिक सशक्त तथा पारदर्शी बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से लोगों को नए कानूनों और न्याय व्यवस्था के बारे में सही जानकारी मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई नई न्याय संहिताओं का मुख्य उद्देश्य देश में न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितैषी बनाना है। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन को भी इन नए कानूनों के अनुसार कार्य करते हुए आम लोगों को त्वरित और निष्पक्ष न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध रहना होगा। उन्होंने पुलिस विभाग की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसके लिए पुलिस को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ काम करना चाहिए।
नई न्याय संहिताओं के लागू होने से अपराधों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी तथा पीडि़तों को जल्द न्याय मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने आम जनता से भी अपील की कि वे नए कानूनों की जानकारी प्राप्त करें और कानून का पालन करते हुए समाज में शांति, सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सरकार राज्य में मजबूत कानून-व्यवस्था और न्यायपूर्ण व्यवस्था स्थापित करने के लिए लगातार प्रयासरत है।