भुवनेश्वर, (निप्र) : आवास एवं शहरी विकास मंत्री डा कृष्ण चंद्र महापात्र ने ओडिशा विधानसभा को बताया कि नगर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए लागू मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) 3.0 के तहत ‘स्वच्छ साथी सुपरवाइजर’ का नाम बदलकर ‘प्लांट मैनेजर’ कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस नई व्यवस्था के तहत राज्य के 115 शहरों में प्लांट मैनेजर के पद स्वीकृत किए गए हैं, ताकि सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित किया जा सके। यह जानकारी मंत्री ने बराबटी-कटक की कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस के प्रश्न के उत्तर में दी।
उन्होंने राज्य के नगर निगमों और नगरपालिकाओं में स्वीकृत पदों, उनकी संख्या और पारिश्रमिक से संबंधित विवरण मांगा था। साथ ही, कटक नगर निगम (सीएमसी) में वर्तमान स्थिति - वार्डों की संख्या और तैनात सुपरवाइजरों की जानकारी भी पूछी थी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि एसओपी 3.0 लागू होने के बाद पद का नाम बदल दिया गया है। उन्होंने आगे बताया कि कटक नगर निगम के विभिन्न वेल्थ सेंटरों में पहले से कुल 14 प्लांट मैनेजर तैनात हैं। इन प्लांट मैनेजरों को एसओपी 3.0 के प्रावधानों के अनुसार प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है।
बीसीपीपीईआर योजना में कटक के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट प्रस्तावित
ओडिशा सरकार ने भुवनेश्वर-कटक-पुरी-पारादीप आर्थिक क्षेत्र (बीसीपीपीईआर) योजना के तहत कटक के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं प्रस्तावित की हैं। आवास एवं शहरी विकास मंत्री डा कृष्ण चंद्र महापात्र ने बताया कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य कटक को पर्यटन, उद्योग, नवाचार और कनेक्टिविटी का प्रमुख केंद्र बनाना है। यह जानकारी मंत्री ने बारबाटी-कटक से कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस के प्रश्न के उत्तर में दी।
उन्होंने कटक के लिए प्रस्तावित परियोजनाओं की संख्या, निवेश, समयसीमा और स्थानीय व्यापारियों को होने वाले लाभ के बारे में जानकारी मांगी थी। मंत्री ने बताया कि योजना के तहत बारबटी किले और बाली यात्रा मैदान का पुनर्विकास कर उन्हें प्रमुख पर्यटन और सांस्कृतिक केंद्र बनाया जाएगा। इसके अलावा स्वराज आश्रम-नेताजी संग्रहालय कॉरिडोर का विकास तथा अंसुपा झील और सातकोसिया में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजना है।
औद्योगिक क्षेत्र में चौद्वार में अपैरल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव है, साथ ही चांदी की फिलिग्री जैसे पारंपरिक शिल्प को बढ़ावा देने के लिए कला इनोवेशन जोन विकसित किया जाएगा। इसके अलावा कटक में मेडटेक और हेल्थटेक हब की स्थापना, मेडिकल डिवाइस उद्योग के लिए सुविधाओं का विकास और कृषि को बढ़ावा देने के लिए ‘सीड विलेज’ कार्यक्रम भी शामिल है। कनेक्टिविटी सुधार के तहत कटक-चांदबली सड़क परियोजना प्रस्तावित है और शहर को एक मजबूत लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने की योजना भी बनाई गई है।