भुवनेश्वर, (निप्र) : कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी सफलता हासिल करते हुए भुवनेश्वर-कटक पुलिस आयुक्तालय ने कुख्यात अपराधी शुभम उर्फ राजा साहनी (39) को छह महीने तक चले अंतरराज्यीय अभियान के बाद उत्तराखंड के ऋषिकेश से गिरफ्तार कर लिया। कमिश्नरेट पुलिस के अनुसार, बिहार के बेगूसराय जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के लोहियानगर गांव निवासी राजा साहनी 3 अक्टूबर 2025 की रात कटक के चौद्वार सर्कल जेल से अपने सह-आरोपी मधुकांत कुमार राणा उर्फ सिंह के साथ फरार हो गया था। ज्ञातहो कि मधुकांत को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
साहनी कई गंभीर मामलों में वांछित था, जिनमें हत्या के साथ डकैती और अवैध हथियार रखने के मामले शामिल हैं। उसे मूल रूप से जाजपुर जिले के पानिकोइली थाना क्षेत्र से जुड़े एक मामले में जेल में रखा गया था। जेल से फरारी की घटना का पता अगले दिन चला, जिसके बाद चौद्वार थाने में मामला दर्ज किया गया।
ओडिशा के डीजीपी और भुवनेश्वर-कटक कमिश्नरेट पुलिस के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीमों ने बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, असम, नागालैंड, दिल्ली और उत्तराखंड सहित कई राज्यों में छापेमारी कर सूचनाएं एकत्र कीं। लगातार ठिकाने बदलने, फर्जी पहचान अपनाने और इलेक्ट्रॉनिक ट्रेस से बचने के बावजूद, तकनीकी और मानवीय खुफिया प्रयासों के जरिए पुलिस टीम अंतत: ऋषिकेश तक पहुंचने में सफल रही।
1 अप्रैल 2026 को लालबाग थाने के एसआई शंकरसेन प्रधान के नेतृत्व में टीम ने ऋषिकेश और मुनि की रेती थाना पुलिस के सहयोग से नटराज चौक के पास उसे पकड़ लिया। जांच में सामने आया कि राजा साहनी कमलेश पांडे और शुभम जैसे फर्जी नामों से रह रहा था। फरारी के बाद वह बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, हैदराबाद, बेंगलुरु और मैसूर जैसे स्थानों पर घूमता रहा। कर्नाटक के हुंसूर (मैसूर) में दर्ज एक सशस्त्र डकैती के मामले में भी वह वांछित था।
आरोपी को ऋषिकेश के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे कटक लाने के लिए ट्रांजिट रिमांड लिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फरारी के दौरान उसे किसने शरण दी। इस गिरफ्तारी के साथ चौद्वार जेल से फरार दोनों आरोपी अब कानून के शिकंजे में आ चुके हैं। पुलिस ने विभिन्न राज्यों की पुलिस टीमों के समन्वित प्रयासों और सहयोग की सराहना की है।