कोलकाता : कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने अपने स्ट्राइक रेट को लेकर हो रही आलोचना के बारे में कहा कि इस चर्चा के पीछे एक खास एजेंडा और ईर्ष्या का भाव मौजूद है। केकेआर की आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद के हाथों 65 रन की करारी हार के बाद रहाणे के स्ट्राइक रेट पर सवाल उठने लगे हैं। केकेआर की टीम 227 रन की लक्ष्य का पीछा करते हुए 16 ओवर में 161 रन पर आउट हो गई। यह इस सत्र में उसकी लगातार दूसरी हार है। इस हार ने सारा ध्यान रहाणे के प्रदर्शन और स्ट्राइक रेट पर केंद्रित कर दिया। गुरुवार को 10 गेंदों में आठ रन बनाने वाले केकेआर के कप्तान ने आलोचनाओं पर अप्रत्याशित रूप से तल्ख रवैया अपनाया। रहाणे ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, जहां तक मेरे स्ट्राइक रेट का सवाल है तो मुझे लगता है कि 2020 से अब तक मेरा स्ट्राइक रेट सबसे अच्छा रहा है। जो लोग मेरे बारे में बात कर रहे हैं, शायद वे मैच नहीं देख रहे हैं या उनके मन में मेरे खिलाफ कोई खास एजेंडा है। उन्हें मेरा खेलना पसंद नहीं है। उन्होंने कहा, वे नहीं चाहते कि मैं खेलता रहूं। मैंने जितनी सफलता हासिल की है उसे देखकर शायद वे मुझसे ईष्र्या करते हैं। मुझे इसकी ज्यादा चिंता नहीं है। भारतीय टीम से बाहर चल रहे इस खिलाड़ी ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में मुंबई के लिए 10 पारियों में 161.57 के स्ट्राइक रेट से 391 रन बनाए थे। पिछले साल केकेआर आठवें स्थान पर रहा था लेकिन रहाणे ने टीम की तरफ से सर्वाधिक रन बनाए थे। रहाणे बीच के ओवरों में अपेक्षित तेजी से रन नहीं बना पाए हैं। मुंबई इंडियंस के खिलाफ पहले मैच में रहाणे ने पहली 18 गेंदों में 36 रन बनाए, लेकिन अगली 22 गेंदों में केवल 31 रन ही बना सके।