भुवनेश्वर, (निप्र) : जनजातीय बहुल क्षेत्रों के समग्र विकास को गति देने के लिए ओडिशा सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 23 जिलों में विशेष विकास परिषदों (एसडीसी) का गठन किया है। साथ ही, सोमवार को प्रत्येक परिषद के लिए अध्यक्ष एवं उपाध्यक्षों के नामों की घोषणा भी की गई। विशेष विकास परिषदों का उद्देश्य जमीनी स्तर पर सुशासन को सुदृढ़ करना, कल्याणकारी योजनाओं के लक्षित क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना तथा जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास को बढ़ावा देना है।
इसके साथ ही इन क्षेत्रों की विशिष्ट सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान, कला, परंपराओं और विरासत के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। ये परिषदें जिला स्तर पर प्रमुख निकाय के रूप में कार्य करेंगी, जो स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार विकास योजनाओं की योजना बनाना, प्राथमिकता तय करना और उन्हें लागू करने की जिम्मेदारी निभाएंगी। राज्य सरकार द्वारा निधि जारी होने के बाद, एसडीसी संसाधनों के आवंटन तथा आधारभूत संरचना, आजीविका और सामुदायिक विकास परियोजनाओं के क्रियान्वयन का निर्णय लेंगी।
अनगुल में बसिष्ठ नायक (अध्यक्ष) और सुरुमणि छतार (उपाध्यक्ष); बलांगीर में बल्लव धरुआ (अध्यक्ष) और जयंती भोई (उपाध्यक्ष); बालेश्वर में बिपिन मरांडी (अध्यक्ष) और झरना सिंह (उपाध्यक्ष); बरगढ़ में गोवर्धन भोई (अध्यक्ष) और तिलोतमा भुए (उपाध्यक्ष); बौध में डमरुधर कंहार (अध्यक्ष) और झरना जानी (उपाध्यक्ष); देवगढ़ में प्रशांत कुमार बेहरा (अध्यक्ष) और प्रमिला किसान (उपाध्यक्ष) हैं।
इसी प्रकार ढेंकानाल में नाउरी सिंह (अध्यक्ष) और सेवती भोई (उपाध्यक्ष); गजपति में कामदेव बड़नायक (अध्यक्ष) और पंकजिनी दलाई (उपाध्यक्ष); गंजाम में नीलमाधव पटनायक (अध्यक्ष) और ललिता प्रधान (उपाध्यक्ष); जाजपुर में राजेंद्र कंदुलिया (अध्यक्ष) और सानी जरिका (उपाध्यक्ष); झारसुगुड़ा में समल नायक (अध्यक्ष) और संयुक्ता उरांव (उपाध्यक्ष); कलाहांडी में विजय कुमार दिसारी (अध्यक्ष) और रीना भोई (उपाध्यक्ष) होंगे।
वहीं, कंधमाल में मनगोविंद प्रधान (अध्यक्ष) और कल्पना कुमारी कंहार (उपाध्यक्ष); केंदुझर में ममता नायक (अध्यक्ष) और मानस कुमार नायक (उपाध्यक्ष); कोरापुट में भगवान मुदुली (अध्यक्ष) और सुकांति माझी (उपाध्यक्ष); मालकानगिरी में गंगाधर सोड़ी (अध्यक्ष) और सावित्री पडियामी (उपाध्यक्ष); मयूरभंज में डॉ बुधन मुर्मू (अध्यक्ष) और कौशल्या नायक (उपाध्यक्ष); नबरंगपुर में बसंती माझी (अध्यक्ष) और लिंगराज भत्रा (उपाध्यक्ष); नुआपड़ा में होमसिंह माझी (अध्यक्ष) और बेलमती माझी (उपाध्यक्ष); रायगड़ा में विद्याधर साबर (अध्यक्ष) और मंजुला मिनियाका (उपाध्यक्ष); संबलपुर में भगिंद्र किसान (अध्यक्ष) और सुषमा मुंडा (उपाध्यक्ष); सुंदरगढ़ में संतोष कुमार अमात (अध्यक्ष) और गंगी किंडो (उपाध्यक्ष) नियुक्त किए गए हैं।
इन विशेष विकास परिषदों के गठन से जनजातीय क्षेत्रों के विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है, जिससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और स्थानीय स्तर पर बेहतर योजना निर्माण सुनिश्चित हो सकेगा।