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Tuesday, Apr 7, 2026
Published on: Monday, April 06, 2026
राज्य

विश्वविद्यालयों में कुलपति और अध्यापकों की कमी पर बीजेडा का हमला


राज्य सरकार की अक्षमता का बताया परिणाम 
 
भुवनेश्वर, (निप्र) : राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में कुलपति और अध्यापकों की भारी कमी को लेकर बीजू जनता दल ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोमवार को शंख भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में बीजू युवा जनता दल के अध्यक्ष चिन्मय साहू और बीजू छात्र जनता दल की अध्यक्ष इप्सिता साहू ने उच्च शिक्षा विभाग की इस दुर्दशा को राज्य सरकार की अक्षमता का परिणाम बताया। चिन्मय साहू ने कहा कि राज्य का उच्च शिक्षा विभाग पूरी तरह से पंगु हो गया है।
 
राज्य के 17 विश्वविद्यालयों में से 14 में स्थायी कुलपति नहीं हैं, जबकि अधिकांश स्थानों पर अध्यापक पद भी खाली पड़े हैं। उन्होंने कहा कि जब तक स्थायी कुलपतियों की नियुक्ति नहीं होगी, तब तक खाली पड़े अध्यापक पदों को भी भरा नहीं जा सकता। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर बीजू युवा जनता दल और बीजू छात्र जनता दल ने विरोध प्रदर्शन किया था और राज्यपाल से मुलाकात कर कुलपति पदों को जल्द भरने की मांग की थी। राज्यपाल ने भी शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन विज्ञापन जारी होने के 9 महीने बाद भी नियुक्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।
 
चिन्मय साहू ने आरोप लगाया कि नवीन सरकार के समय यह जिम्मेदारी राज्य लोक सेवा आयोग को दी गई थी और कुलपतियों के सेवानिवृत्त होने से 6 महीने पहले ही नियुक्ति प्रक्रिया पूरी कर ली जाती थी। लेकिन वर्तमान सरकार ने उस व्यवस्था को समाप्त कर दिया है, जिसके कारण लंबे समय से पद खाली पड़े हैं और विश्वविद्यालयों में ठहराव की स्थिति पैदा हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि ओडिय़ा विश्वविद्यालय, जिसे नवीन सरकार ने स्थापित किया था, वहां कुलपति समेत सभी 21 अध्यापक पद खाली पड़े हैं।
 
वर्तमान भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में योग्यता के आधार पर नहीं, बल्कि निष्ठा के आधार पर नियुक्तियां करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सरकार से विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता बनाए रखने और पारदर्शी तरीके से नियुक्तियां पूरी करने की मांग की। इप्सिता साहू ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था समाज के विकास की रीढ़ होती है और राज्य के विकास के लिए शिक्षा का सुदृढ़ होना बेहद जरूरी है। लेकिन राज्य सरकार इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की पक्षपातपूर्ण मानसिकता और आंतरिक मतभेदों के कारण नियुक्ति प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस महीने के अंतिम सप्ताह तक कुलपति पदों को नहीं भरा गया, तो बीजू युवा और छात्र जनता दल आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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