भुवनेश्वर, (निप्र) : खारबेल भवन में राउरकेला स्मार्ट सिटी लिमिटेड (आरएससीएल) की कार्यकारी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव उषा पाढ़ी ने की। बैठक में शहर के परियोजना क्रियान्वयन से दीर्घकालिक स्थिरता और परिसंपत्ति प्रबंधन की ओर संक्रमण से जुड़े महत्वपूर्ण रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक का एजेंडा आरएससीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीनाह दस्तंगीर द्वारा प्रस्तुत किया गया।
बैठक की प्रमुख उपलब्धियों में से एक 106 करोड़ की लागत से स्थापित एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) परियोजना रही। इस परियोजना के तहत 109 स्थानों पर 594 निगरानी कैमरे पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं। अब इसे राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के सहयोग से स्वचालित ई-चालान प्रणाली से जोडऩे की दिशा में आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे यातायात नियंत्रण और शहरी प्रशासन को और मजबूत किया जा सके। वित्तीय स्थिरता पर जोर देते हुए पाढ़ी ने मूल्य-आधारित भूमि उपयोग और नवाचारी राजस्व सृजन के महत्व को रेखांकित किया।
समिति ने पूर्ण हो चुकी स्मार्ट सिटी परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण की समीक्षा की, जिनसे वर्तमान में प्रतिवर्ष 4.13 करोड़ का राजस्व प्राप्त हो रहा है, जो स्थापना और संचालन व्ययों में सहायक है। परियोजनाओं के क्रियान्वयन में हो रही देरी को देखते हुए समिति ने ऑडिटोरियम और कन्वेंशन हॉल परियोजना (जो वर्तमान में 45 प्रतिशत पूर्ण है) के शेष कार्य को ‘डी-स्कोप’ करने का निर्णय लिया। शेष कार्य संबंधित एजेंसी के जोखिम और लागत पर पूरा कराया जाएगा, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो और समय पर परियोजना पूर्ण हो सके।
उदित नगर मार्केट कॉम्प्लेक्स तथा बहु-स्तरीय कार पार्किंग (एमएलसीपी) जैसी चल रही एवं आगामी परियोजनाओं की निरंतरता बनाए रखने के लिए समिति ने विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) की अवधि बढ़ाने तथा प्रमुख अधिकारियों और सलाहकारों की सेवाएं जारी रखने का प्रस्ताव रखा। बैठक में राउरकेला के लिए एक सतत, कुशल और नागरिक-केंद्रित शहरी पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के प्रति आरएससीएल की प्रतिबद्धता को दोहराया गया, जिसमें दीर्घकालिक मूल्य सृजन पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।