22 लाख उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत, राजधानी बनेगी ऊर्जा हब
भुवनेश्वर, (निप्र) : राजधानी भुवनेश्वर को ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी सौगात देते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने गुरुवार को खोर्द्धा जिले के बालियंता में तीन अत्याधुनिक गैस इंसुलेटेड स्विचगियर (जीआईएस) ग्रिड सब-स्टेशन और आठ महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन लाइनों का लोकार्पण किया। करीब 600 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इन परियोजनाओं को राजधानी और आसपास के क्षेत्रों की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
इन परियोजनाओं के शुरू होने से भुवनेश्वर, कटक और आसपास के क्षेत्रों के लगभग 22 लाख उपभोक्ताओं को निर्बाध, उच्च गुणवत्ता वाली और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी। जिन प्रमुख ग्रिड सब-स्टेशनों का उद्ïघाटन हुआ, उनमें बालियांता में 220/132/33 केवी जीआईएस, सत्यानगर में 132/33 केवी जीआईएस तथा कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में 132/33 केवी जीआईएस सब-स्टेशन शामिल हैं।
विशेष रूप से एससीबी मेडिकल कॉलेज में स्थापित ग्रिड सब-स्टेशन को स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इससे अस्पताल में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी, जिससे गंभीर मरीजों के इलाज में किसी तरह की बाधा नहीं आएगी। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ये परियोजनाएं वर्षों से विभिन्न कारणों, खासकर न्यायालयी अड़चनों के चलते लंबित थीं।
नई सरकार के गठन के बाद इन बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया गया और महज एक वर्ष के भीतर इन्हें पूरा कर लिया गया। उन्होंने कहा, जहां दृढ़ इच्छाशञ्चित होती है, वहां असंभव भी संभव हो जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि राजधानी की वर्तमान बिजली मांग लगभग 1000 मेगावाट है, जो वर्ष 2030 तक बढक़र 2000 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में यह विस्तार कार्य आने वाले समय में बढ़ती मांग को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सरकार ने पहली बार राज्य में डिजिटल तकनीक से लैस ग्रिड सब-स्टेशन स्थापित किए हैं। इसके साथ ही राजधानी क्षेत्र के लिए 765 केवी ट्रांसमिशन सिस्टम विकसित करने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है। ओडिशा पावर ट्रांसमिशन कार्पोरेशन लिमिटेड ने राज्य में 70 ग्रिड सब-स्टेशनों का रिमोट संचालन कर देश में एक नई मिसाल कायम की है, जिससे निगरानी और आपूर्ति प्रबंधन अधिक प्रभावी हुआ है। मुख्यमंत्री ने जमीनी हालात की समीक्षा करते हुए टाटा पावर को भिंगरपुर, उत्तमपुर गंगेश्वर, पांडरा, जगन्नाथ नगर, मंगराज, पलासुनी और आसपास के इलाकों में लो-वोल्टेज की समस्या दूर करने के लिए तीन अतिरिक्त फीडर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
वोल्टेज संबंधी समस्याओं से मिलेगा छुटकारा : सिंहदेव
उपमुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री केवी सिंहदेव ने कहा कि यह परियोजना भुवनेश्वर और बालियंता के लिए ऊर्जा का नया स्रोत बनेगी और अब लोगों को वोल्टेज संबंधी समस्याओं से काफी हद तक राहत मिलेगी। इन परियोजनाओं से न केवल शहरी जीवन सुगम होगा, बल्कि औद्योगिक विकास, आईटी क्षेत्र के विस्तार और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। साथ ही, यह पहल राजधानी को एक आधुनिक, ऊर्जा-सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार शहर के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।