आठ का एडवांस कोचिंग के लिए चयन
भुवनेश्वर, (निप्र) : ओडिशा में आदिवासी शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (ईएमआरएस) के 11 विद्यार्थियों ने जेईई मेन 2026 (फेज-1) में सफलता प्राप्त कर उल्लेखनीय शैक्षणिक उत्कृष्टता का परिचय दिया है। इन सफल विद्यार्थियों में सबसे आगे ईएमआरएस करंजिया के अविश आलम रहे, जिन्होंने 97.50 पर्सेंटाइल प्राप्त किया।
अन्य सफल विद्यार्थियों में ईएमआरएस रांकी के रिंकिनी नायक, सुनील कुमार नायक और सुनिया हेम्ब्रम; ईएमआरएस करंजिया के सामू पालेया; ईएमआरएस लाहुनिपारा के एस्टिफन हेम्ब्रम, पूजारानी किसन, दीपा किसन, रबिन ओराम और सल्खू हेम्ब्रम तथा ईएमआरएस बांगरीपोसी के ठाकुर मुर्मू शामिल हैं। विद्यालयों में ईएमआरएस लाहुनिपड़ा ने सर्वाधिक उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जहां से 5 विद्यार्थियों ने इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तरीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में सफलता प्राप्त की।
विद्यार्थियों की प्रतिभा को और निखारने के उद्देश्य से, इनमें से 8 मेधावी विद्यार्थियों का चयन नई दिल्ली स्थित नेशनल एजुकेशन सोसाइटी फॉर ट्राइबल स्टूडेंट्स (एनईएसटीएस) के अंतर्गत विशेष जेईई एडवांस कोचिंग के लिए किया गया है। चयनित विद्यार्थियों में ईएमआरएस करंजिया और ईएमआरएस लाहुनिपड़ा से 3-3, ईएमआरएस रांकी से 1 तथा ईएमआरएस बांगरीपोसी से 1 विद्यार्थी शामिल हैं। ये विद्यार्थी एस्कॉर्ट शिक्षक प्रियंका कुमारी के साथ राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हुए।
यह पहल सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत आदिवासी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और देश के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रतिस्पर्धा के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ओडिशा मॉडल ट्राइबल एजुकेशन सोसाइटी की संयुञ्चत निदेशक प्रणति पात्र ने इस पहल को सफल बनाने और आदिवासी विद्यार्थियों के सपनों को समर्थन देने के लिए एनईएसटीएस के आयुञ्चत अजीत कुमार श्रीवास्तव के प्रति आभार व्यञ्चत किया। यह उपलब्धि ओडिशा की आदिवासी शिक्षा प्रणाली के लिए गर्व का क्षण है और यह दर्शाती है कि ईएमआरएस संस्थान भविष्य के इंजीनियरों और नेतृत्वकर्ताओं को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।