पारादीप, (निप्र) : पारादीप पोर्ट प्राधिकरण (पीपीए) ने समुद्री और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल की है। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन मैरीटाइम एंड शिपबिल्डिंग (सीईएमएस) के सहयोग से चलाए जा रहे सीएसआर आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम के पहले बैच का सफल समापन हुआ, जिसमें 100 प्रतिशत प्लेसमेंट दर्ज किया गया। इस पहल के तहत चयनित 168 में से 25 प्रशिक्षुओं के पहले बैच ने सप्लाई चेन मैनेजमेंट कोर्स पूरा किया।
इनमें अधिकांश प्रतिभागी 20 से 22 वर्ष आयु वर्ग के हैं, जिन्हें कोयंबटूर, होसुर, हैदराबाद, कोलकाता, बेंगलुरु और विशाखापट्टनम जैसे प्रमुख शहरों में रोजगार के अवसर मिले हैं। पारादीप पोर्ट में आयोजित समापन समारोह में सफल अभ्यर्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर पीपीए के अध्यक्ष पीएल हरनाध, उपाध्यक्ष टी वेणुगोपाल, सचिव कृष्णा बापी राजू सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं सीईएमएस की ओर से मुख्य परिचालन अधिकारी कमांडर गोपी कृष्ण शिव्वम (सेवानिवृत्त) और उनकी टीम ने भाग लिया।
पीपीए अध्यक्ष ने कहा कि यह कार्यक्रम विशेष रूप से ओडिशा के युवाओं के लिए तैयार किया गया है, जो उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता और पेशेवर विकास की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करता है। इस वर्ष पीपीए ने इस पहल के लिए 40 लाख रुपये आवंटित किए हैं। वर्तमान में छह बैच एक साथ संचालित हो रहे हैं, जिनमें हर वर्ष लगभग 140 से 160 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए पाठ्यक्रम में शिपबिल्डिंग, शिप रिपेयर और मैरीटाइम ऑपरेशंस जैसे नए क्षेत्रों को भी शामिल करने की योजना बनाई जा रही है।
गौरतलब है कि सीईएमएस, जो पोर्ट्स, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय के सहयोग से संचालित है और इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग द्वारा प्रोत्साहित है, वर्ष 2019 से अब तक देशभर में 25 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित कर चुका है। यह पहल न केवल स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोल रही है, बल्कि क्षेत्र के औद्योगिक विकास को भी नई गति दे रही है।