भुवनेश्वर, (निप्र) : राज्य में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देते हुए उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने बुधवार को मिशन शक्ति भवन में 5,000 महिला स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) सदस्यों के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की। यह कार्यक्रम अपने तरह का पहला बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
इस अवसर पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहतकर भी उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल आर्थिक आत्मनिर्भरता तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण महिलाओं को निडर होकर आगे बढऩे, स्वतंत्र निर्णय लेने और आर्थिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए सक्षम बनाएगा। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा और क्षमता निर्माण के लिए संस्थागत सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। मिशन शक्ति विभाग द्वारा राष्ट्रीय महिला आयोग के सहयोग से संचालित इस कार्यक्रम के तहत महिलाओं को आत्मरक्षा और व्यक्तिगत सुरक्षा से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा। पायलट चरण में यह पहल खोर्द्धा, कटक, पुरी, केंदुझर और गंजाम जिलों की 5,000 महिलाओं को कवर करेगी।
इस योजना का उद्देश्य महिलाओं की आवाजाही को सुरक्षित बनाना, बाजार से जुड़ाव में उनकी भागीदारी बढ़ाना और महिला-नेतृत्व वाले विकास को मजबूत करना है। कार्यक्रम में ओडिशा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष शोभना मोहंती, मिशन शक्ति विभाग की आयुक्त-सह-सचिव मंसी निम्भाल (आईएएस) तथा विभाग के अतिरिक्त सचिव शैलेंद्र कुमार जेना सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और हितधारक मौजूद रहे। यह पहल राज्य में महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।