भुवनेश्वर, (निप्र) : पूर्व तट रेलवे तकनीक आधारित और पर्यावरण अनुकूल निगरानी प्रणाली के माध्यम से रेलवे सुरक्षा को तेजी से सुदृढ़ कर रहा है। इसके तहत सभी डिवीजनों में सोलर ऊर्जा से संचालित सीसीटीवी कैमरों के नेटवर्क का बड़े स्तर पर विस्तार किया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में रणनीतिक तैनाती पूर्व तट रेलवे द्वारा अब तक वाल्टेयर (113), संबलपुर (47) और खुर्द्धा रोड (6) डिवीजनों में कुल 166 सोलर सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए जा चुके हैं।
ये कैमरे स्टेशन परिसरों, मार्शलिंग यार्ड, लेवल क्रॉसिंग और एकांत ट्रैक क्षेत्रों जैसे उच्च जोखिम और अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर लगाए गए हैं। सोलर प्रणाली के कारण ये कैमरे पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भर नहीं रहते और दूरदराज व बिजली की कमी वाले क्षेत्रों में भी 24 घंटे निर्बाध निगरानी सुनिश्चित करते हैं। प्रारंभिक सफलता के आधार पर रेलवे ने एक महत्वाकांक्षी विस्तार योजना शुरू की है। जून 2026 तक 2,500 से अधिक सोलर सीसीटीवी कैमरे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इससे रेलवे संपत्तियों और यात्री क्षेत्रों की निगरानी व्यापक रूप से बढ़ेगी और यह भारतीय रेलवे के सबसे बड़े सुरक्षा उन्नयन अभियानों में से एक होगा। सोलर सीसीटीवी कैमरों की स्थापना के बाद निगरानी वाले क्षेत्रों में आपराधिक और असुरक्षित गतिविधियों में उल्लेखनीय कमी आई है। ट्रेनों पर पथराव, केबल चोरी, अतिक्रमण और ट्रैक क्षति जैसी घटनाओं में गिरावट दर्ज की गई है । कैमरों की मौजूदगी से असामाजिक तत्वों पर प्रभावी रोक लगी है।
रिकॉर्डेड फुटेज के कारण आरपीएफ और सीआरपी जैसी सुरक्षा एजेंसियों की कार्यक्षमता बढ़ी है, जिससे अपराधियों की पहचान, साक्ष्य आधारित जांच और अभियोजन में सफलता दर में सुधार हुआ है। कैमरों की बढ़ती संख्या से रेलवे स्टेशन और परिसर लगातार निगरानी में हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा में सुधार हुआ है।
यह प्रणाली रियल-टाइम मॉनिटरिंग और आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करती है, जिससे खासकर महिलाओं और रात में यात्रा करने वाले यात्रियों को अधिक सुरक्षा का एहसास होता है। जमीनी निगरानी को मजबूत करने के लिए पूर्व तट रेलवे ने दुर्गम और सेंवेदनशील क्षेत्रों में 10 ड्रोन तैनात किए हैं। 2026 के अंत तक इनकी संख्या बढ़ाकर 15 करने की योजना है, जिससे बहु-स्तरीय निगरानी प्रणाली विकसित होगी और सुरक्षा में और मजबूती आएगी।