सांप्रदायिक सौहार्द को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश
भुवनेश्वर, (निप्र) : राज्य में आने वाले हफ्तों में कई प्रमुख त्योहार मनाए जाने हैं। इसे देखते हुए राज्य पुलिस ने शांतिपूर्ण और सुरक्षित आयोजन सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। त्योहारों से पहले कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए राज्य पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक योगेश बहादुर खुरानिया की अध्यक्षता में एक व्यापक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
आगामी त्योहारों में 3 तारीख को दोल पूर्णिमा, 4 को होली, 21 को ईद-उल-फित्र, 27 को श्रीराम नवमी, 14 अप्रैल को हनुमान जयंती और महा बिषुब संक्रांति शामिल हैं। इन अवसरों पर शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रहने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए डीजीपी ने वरिष्ठ अधिकारियों को सार्वजनिक सुरक्षा और सांप्रदायिक सौहार्द को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
यह बैठक वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें अतिरिञ्चत पुलिस महानिदेशक (आधुनिकीकरण) सौमेंद्र प्रियदर्शी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) संजय कुमार, आईजी (कार्मिक) एस प्रवीण कुमार, डीआईजी (प्रोविजनिंग) चरण सिंह मीणा, डीआईजी (कार्मिक) जुगल किशोर कुमार बनोथ सहित सभी रेंज आईजी, डीआईजी और जिला पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।
समीक्षा के दौरान डीजीपी खुरानिया ने संवेदनशील क्षेत्रों और धार्मिक जुलूसों के दौरान व्यापक सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर दिया। उन्होंने जिला पुलिस इकाइयों को गश्त बढ़ाने, सघन जांच करने और संवेदनशील स्थानों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। पैदल जुलूस और बाइक रैलियों के दौरान पर्याप्त बल तैनाती सुनिश्चित करने को भी कहा गया। डिजिटल माध्यमों के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए डीजीपी ने अफवाह, गलत सूचना और भड़काऊ सामग्री पर रोक लगाने के लिए सोशल मीडिया की विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए।
जिला साइबर सेल को 24 घंटे सतर्क रहने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाडऩे की कोशिश करने वालों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया है। उन्होंने जिला पुलिस अधीक्षकों को खुफिया तंत्र मजबूत करने, संवेदनशील शहरी क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और शांति समितियों की बैठकें आयोजित कर उन्हें सक्रिय करने की सलाह दी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समुदाय के नेताओं के साथ समन्वय को सुव्यवस्थित आयोजन के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
डीजीपी ने यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने, नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और त्योहारों के दौरान डीजे के ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखने के निर्देश भी दिए। आदतन अपराधियों और उपद्रवियों के खिलाफ निवारक कार्रवाई को भी कानून-व्यवस्था बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा बताया गया। तैयारी के महत्व को दोहराते हुए खुरानिया ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को सतर्क और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए। समन्वित प्रयासों के माध्यम से ओडिशा पुलिस आगामी त्योहारों को शांति, एकता और सुरक्षा के माहौल में संपन्न कराने का लक्ष्य लेकर चल रही है।