पारादीप, (निप्र) : एएम/एनएस इंडिया ने अपने प्रमुख सीएसआर पहल ‘सफल’ (विकल्प आजीविका के लिए दीर्घस्थायी कृषि) के अंतर्गत कुजंग ब्लॉक के बरेई और चक्रधरपुर गांवों की महिला उत्पादक समूहों को कृषि संबंधी उपकरण प्रदान कर ग्रामीण आजीविका सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह पहल स्थानीयस्तर पर प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने, आय के अवसरों में वृद्धि करने और फसलोपरांत नुकसान को कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
चक्रधरपुर की 21 सदस्यीय ‘श्रीध्या महावीर उत्पादक समूह’ को एक लघु तेल उत्पादन मशीन प्रदान की गई। इस मशीन के माध्यम से समूह अब स्थानीयस्तर पर उत्पादित तिलहन का प्रसंस्करण कर सकेगा, जिससे आय में वृद्धि, गुणवत्ता नियंत्रण में सुधार तथा बाहरी मिलों पर निर्भरता में कमी आएगी। इसी प्रकार, बरेई की 30 सदस्यीय ‘मां मंगला वैरायटी प्रोड्यूसर ग्रुप’ को एक मिनी राइस मिल प्रदान की गई है। इससे समूह को धान की ग्रेडिंग, मिलिंग और पैकेजिंग की सुविधा स्थानीयस्तर पर उपलब्ध होगी तथा स्थानीय ब्रांडेड उत्पादों को बढ़ावा मिलने के साथ अतिरिक्त आय के स्रोत भी विकसित होंगे।
कार्यक्रम में भूतमुंडाई के सरपंच रोहित जेना, पारादीपगढ़ सरपंच प्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिवक्ता संजय बेहरा, ओडिशा आजीविका मिशन (ओएलएम) के ब्लॉक प्रोग्राम संयोजक त्रिलोकी मल्ल, कुजंग के कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन संस्था (एटीएमए) के ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर तुलसी महान्ता तथा विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं उपस्थित रहीं। वर्तमान में पारादीप क्षेत्र के 1,000 से अधिक किसान जैविक खेती, ट्रेलिस खेती, बायोगैस प्लांट स्थापना, फार्म तालाब, किसान क्षेत्र विद्यालय और पशुपालन प्रबंधन जैसी गतिविधियों से लाभान्वित हो चुके हैं।