भुवनेश्वर, (निप्र) : राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर भारत की सबसे बड़ी एल्युमिनियम उत्पादक कंपनी वेदांता एल्युमिनियम ने रिसर्च-ड्रिवन मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल इनोवेशन और एप्लाइड इंजीनियरिंग के जरिए देश की वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति को आगे बढ़ाने के अपने संकल्प को दोहराया। कंपनी का इंटीग्रेटेड साइंटिफिक वक्र्फोर्स जिसमें मेटलर्जिस्ट, केमिस्ट, प्रोसेस इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट और डिजिटल स्पेशलिस्ट शामिल हैं रिसोर्स एफिशिएंट रिफाइनिंग, मैटेरियल साइंस, एनर्जी ऑप्टिमाइजेशन, सस्टेनेबल माइनिंग प्रैक्टिस, इंडस्ट्रियल एआई और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग में अहम योगदान दे रहा है।
कंपनी में कोर साइंटिफिक, टेक्निकल, डिजिटल और इंजीनियरिंग भूमिकाओं में 800 से अधिक महिला प्रोफेशनल्स कार्यरत हैं, जो कुल तकनीकी वर्कफोर्स का करीब 20 प्रतिशत हैं। ये महिलाएं प्लांट्स में जटिल तकनीकी कार्यों का नेतृत्व कर रही हैं। वेदांता एल्युमिनियम की एक बड़ी उपलब्धि इसका इन-हाउस रिफाइनिंग प्रोसेस है, जिससे बॉक्साइट अवशेषों में करीब 30 प्रतिशत तक कमी आई है, एल्यूमिना रिकवरी बढ़ी है और सस्टेनेबल रिफाइनिंग प्रथाओं को मजबूती मिली है।
इस वर्ष राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का थीम ‘साइंस में महिलाएं: विकसित भारत को बढ़ावा देना’ के अनुरूप कंपनी ने महत्वपूर्ण भूमिकाओं में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ाई है। वेदांता एल्युमिनियम के सीईओ राजीव कुमार ने कहा कि जैसे-जैसे भारत विकसित भारत की ओर अग्रसर है, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विकास की गति तय करेंगे। कंपनी अपने ऑपरेशन्स में सस्टेनेबल डेवलपमेंट को संभव बनाने के लिए इनोवेशन, रिसर्च और मॉडर्न इंजीनियरिंग को प्राथमिकता दे रही है। उनकी टीमों का पैशन और विशेषज्ञता औद्योगिक इकोसिस्टम में कंपनी को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त दिला रही है।