नागरिक-केंद्रित प्रशासन पर दिया जोर
पारादीप, (निप्र) : पारादीप पोर्ट प्राधिकरण ने अपने प्रशासनिक भवन में बैठक आयोजित कर औपचारिक रूप से सेवा संकल्प प्रस्ताव का वाचन एवं अनुमोदन किया। बैठक की अध्यक्षता प्राधिकरण के अध्यक्ष पीएल हरानाध ने की। इस अवसर पर उपाध्यक्ष टी वेणु गोपाल, विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभा में प्रस्ताव का सामूहिक रूप से वाचन किया गया तथा बंदरगाह के कार्य संचालन को इसके मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुरूप संचालित करने का संकल्प दोहराया गया।
सेवा संकल्प प्रस्ताव में नागरिक देवो भव के दर्शन को केंद्र में रखा गया है, जिसमें शासन को सेवा, गरिमा, पारदर्शिता और जवाबदेही पर आधारित बनाने पर बल दिया गया है। उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने पुन: आश्वस्त किया कि सभी प्रशासनिक निर्णय एवं सेवा वितरण व्यवस्था नागरिक-केंद्रित, संवेदनशील और प्रभावी बनाए रखी जाएगी। इस मौके पर अध्यक्ष पीएल हरानाध ने कहा कि 'सेवा तीर्थ की भावना एक नई प्रशासनिक संस्कृति का प्रतीक है, जो समर्पण, नैतिक आचरण और उत्तरदायित्व से प्रेरित है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि 'विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास, संस्थागत पारदर्शिता और परिचालन एवं प्रशासनिक प्रकिक्रयाओं में सतत सुधार आवश्यक है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सेवा संकल्प प्रस्ताव के मूल सिद्धांतों को सभी विभागीय कार्यों में सुदृढ़ डिजिटलकरण, प्रक्रियाओं के सरलीकरण, समयबद्ध सेवा वितरण तथा प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से लागू किया जाएगा। पारादीप पोर्ट प्राधिकरण नागरिक देवो भव की भावना को आत्मसात करते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने तथा 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।