घने जंगलों में सुरक्षाबलों की घेराबंदी
दारिंगबाड़ी, (निप्र) : माओवादी प्रभावित क्षेत्र दारिंगबाड़ी में कुख्यात माओवादी नेता शुकुर और उसके सहयोगियों की धरपकड़ के लिए सुरक्षाबलों ने व्यापक अभियान छेड़ रखा है। यह सघन तलाशी अभियान लगातार चौथे दिन भी जारी है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि प्रशासन इस ऑपरेशन को किसी भी कीमत पर अंजाम तक पहुंचाने के मूड में है। सुरक्षाबलों की टीमें घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ी इलाकों में तैनात की गई हैं।
कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जवान लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं और संदिग्ध ठिकानों पर पैनी नजर रखी जा रही है। हाल के दिनों में यह क्षेत्र में माओवादियों के खिलाफ चलाया जा रहा सबसे बड़ा संयुक्त अभियान माना जा रहा है।
ड्रोन से हो रही हवाई निगरानी
माओवादी नेता की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ओडिशा पुलिस ने अत्याधुनिक ड्रोन तैनात किया है। ड्रोन दुर्गम इलाकों के ऊपर उड़ान भरकर संदिग्ध मूवमेंट की लाइव जानकारी दे रहा है, जिससे जमीन पर तैनात जवानों को रणनीतिक बढ़त मिल रही है। सूत्रों के मुताबिक, यह ड्रोन एक बार में करीब 15 किलोमीटर तक की दूरी पर निगरानी करने में सक्षम है, जिससे बड़े वन क्षेत्र को कवर किया जा रहा है।
ड्रोन ऑपरेशन की मॉनिटरिंग के लिए प्रशिक्षित कर्मियों की अलग टीम बनाई गई है, जो लगातार हवाई निगरानी के जरिए संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है। तकनीक के इस इस्तेमाल से जंगलों में छिपे माओवादियों के ठिकानों तक पहुंचने में सुरक्षा बलों को मदद मिलने की उम्मीद है। घने जंगलों में जमीनी घेराबंदी और ऊपर से तकनीकी निगरानी के चलते माओवादी नेता शुकुर और उसके साथियों पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है।
ऑपरेशन को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बलों को तैयार रखा गया है। सुरक्षाबलों का कहना है कि इलाके को पूरी तरह खंगालने तक यह अभियान जारी रहेगा।