भुवनेश्वर, (निप्र) : प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को पुरी जिले के सत्यवादी स्थित सुआंडो गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने साक्षीगोपाल में आयोजित राज्यस्तरीय उत्कल दिवस समारोह में भाग लिया। यह समारोह सुआंडो गांव में आयोजित किया गया, जो पंडित गोपबंधु दास की जन्मस्थली है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि सरकार ने महान व्यक्तित्वों की जन्मस्थली पर उत्कल दिवस मनाने की परंपरा शुरू की है, ताकि युवाओं को उनकी विरासत से जोड़ा जा सके और उनके योगदान से प्रेरित किया जा सके।
मुख्यमंत्री गोपबंधु दास के पैतृक घर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान राधा बिनोद बिहारी के दर्शन किए, गोपबंधु पार्क में पुष्पांजलि अर्पित की और गोपबंधु संग्रहालय का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने साक्षीगोपाल स्थित उत्कलमणि गोपबंधु स्मृति महाविद्यालय में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ओड़िया समाज विकास और समृद्धि के नए दौर में प्रवेश करने के लिए तैयार है और ओडिशा देश की प्रगति का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने गोपबंधु दास को राष्ट्रीय प्रेरणा बताते हुए कहा कि उनके त्याग ने ओडिशा के लोगों की दिशा तय की।
विरासत विकास पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने सत्यबादी बाना विद्यालय और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए 585 करोड़ रुपये की परियोजना की घोषणा की। इसमें 90 करोड़ रुपये ऐतिहासिक बकुलबन के पुनर्जीवन पर और 495 करोड़ रुपये सत्यबादी क्षेत्र के पुनर्विकास व हेरिटेज कॉरिडोर के निर्माण पर खर्च किए जाएंगे। संस्कृति और पहचान पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ओड़िया भाषा, साहित्य और परंपराओं के संरक्षण व प्रचार-प्रसार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भगवान जगन्नाथ को ओडिय़ा समाज की आध्यात्मिक पहचान बताते हुए पुरी को वैश्विक धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना दोहराई।
करीब 1,000 करोड़ से बनेगा विश्वस्तरीय श्री जगन्नाथ संग्रहालय व लाइब्रेरी
पुरी में करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय श्री जगन्नाथ संग्रहालय और लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी। इसके अलावा गुंडिचा मंदिर, एमार मठ और रघुनंदन लाइब्रेरी जैसे विरासत स्थलों के पुनरुद्धार की योजना भी बनाई गई है। 1,500 एकड़ में प्रस्तावित शमूका परियोजना पुरी को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र में बदलने का लक्ष्य रखती है। मुख्यमंत्री ने पुरी में वल्र्ड टूरिज्म सेंटर, क्रूज टर्मिनल और एयरपोर्ट बनाने तथा भुवनेश्वर-पुरी राष्ट्रीय राजमार्ग के विस्तार की भी घोषणा की।
चिलिका झील को भी विश्वस्तरीय इको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 80,000 करोड़ रुपये की राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं चल रही हैं। प्रमुख परियोजनाओं में 9,000 करोड़ रुपये की ब्रह्मपुर-जयपुर सडक़, पारलाखेमुंडी से अंबाभोना तक नमो एक्सप्रेसवे और मालकानगिरी के मोटू से मयूरभंज के तिरिंग तक 969 किमी लंबा अटल एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इसके अलावा केंद्रापड़ा में 25,000 करोड़ रुपये का शिपबिल्डिंग क्लस्टर और गंजाम जिले के बहुदा में 22,000 करोड़ रुपये का सैटेलाइट पोर्ट विकसित किया जाएगा।
2.40 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट्स से 1.76 लाख रोजगार
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में 2.40 लाख करोड़ रुपये के 109 प्रोजेक्ट्स शुरू किए गए हैं, जिससे करीब 1.76 लाख रोजगार सृजित हुए हैं। उन्होंने 2036 तक 500 अरब डॉलर और 2047 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य दोहराया। साथ ही ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगल योजना’ की घोषणा की गई, जिसके तहत गरीब परिवारों की बेटियों के जन्म पर 20,000 रुपये जमा किए जाएंगे और स्नातक होने पर 1.01 लाख रुपये दिए जाएंगे, ताकि उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिल सके।
स्वास्थ्य क्षेत्र में 4,000 डॉक्टरों की भर्ती की जा चुकी है और 5,000 और पद भरे जाएंगे। गजपति, मालकानगिरी और रायगढ़ा में तीन नए आयुर्वेदिक कॉलेज तथा नयागढ़ और नुआपड़ा में दो होम्योपैथिक कॉलेज खोलने की योजना है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर द्रौपदी मुर्मू और नरेंद्र मोदी को शुभकामनाओं के लिए धन्यवाद दिया और ओडिशा पुलिस को ‘प्रेसिडेंट्स कलर अवॉर्ड’ मिलने पर भी आभार जताया। कार्यक्रम में पुरी के सांसद संबित पात्र सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।