भुवनेश्वर, (निप्र) : केंद्रीय मीठाजल जीवपालन अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर-सीफा), भुवनेश्वर, ओडिशा ने बुधवार को अपने कौशल्यागंगा परिसर में 39वां वार्षिक दिवस मनाया। देश में मीठाजल मत्स्यपालन पर अग्रणी शोध संस्थान ने अपनी यात्रा 1987 में इसी दिन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के अंतर्गत प्रारम्भ की थी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री प्रो एपी दाश, पूर्व कुलपति, केंद्रीय विश्वविद्यालय तमिलनाडु, उपस्थित रहे। उन्होंने सीफा परिवार को 39 वर्ष पूर्ण करने पर बधाई दी और मत्स्यपालन क्षेत्र में संस्थान के उल्लेखनीय योगदान की सराहना की।
अपने संबोधन में प्रो दाश ने कहा कि संस्थान ने शोध, प्रकाशनों और पेटेंट के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने वंचित समुदायों के क्षमता निर्माण, उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा लैंगिक समानता की दिशा में किए गए प्रयासों की विशेष सराहना की। डॉ जेके जेना, उपमहानिदेशक (मत्स्य विज्ञान एवं कृषि शिक्षा), आईसीएआर, नई दिल्ली ने कर्मचारियों से आग्रह किया कि संस्थान के स्थापना दिवस पर प्रत्येक व्यक्ति यह विचार करे कि वह इस क्षेत्र को क्या योगदान दे सकता है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को 34 मिलियन टन मछली उत्पादन का लक्ष्य प्राप्त करना है। उन्होंने कहा कि चुनौतियां अवश्य हैं, लेकिन इन्हें सामूहिक रूप से अवसरों में बदलना होगा और सभी से एक नए तथा सशक्त सीफा के निर्माण के लिए कार्य करने का आह्वान किया। डा प्रदीप कुमार राउत, ओएएस (एसएस), मुख्य कार्यकारी अधिकारी, ओडिशा कम्प्यूटर एप्लीकेशन सेंटर (ओसीएसी), ओडिशा सरकार ने कहा कि वार्षिक दिवस संस्थान के पूर्व कर्मचारियों के दीर्घकालिक योगदान को स्मरण करने का भी एक अवसर है।