पारादीप, (निप्र) : पारादीप बंदरगाह प्राधिकरण ने एक बार फिर भारत के पूर्वी तट पर अग्रणी प्रमुख बंदरगाह के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है, जिससे इसकी रणनीतिक अहमियत और बढ़ गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में पारादीप बंदरगाह ने 156.45 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो हैंडलिंग का रिकॉर्ड बनाया, जो 1966 में संचालन शुरू होने के बाद अब तक का सर्वोच्च स्तर है। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 4.01 प्रतिशत अधिक है और इसी के साथ बंदरगाह 155 प्लस एमएमटी क्लब में शामिल हो गया है।
चुनौतीपूर्ण बाजार परिस्थितियों के बावजूद, जिसमें आयरन अयस्क के निर्यात में गिरावट और पश्चिम एशिया संकट के कारण चूना पत्थर तथा उर्वरक कच्चे माल के आयात पर असर शामिल है, पारादीप बंदरगाह ने अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखी। यह पूर्वी तट के सभी प्रमुख और गैर-प्रमुख बंदरगाहों में कार्गो हैंडलिंग में शीर्ष पर बना रहा। बंदरगाह ने देश के सभी बंदरगाहों में सर्वाधिक बर्थ उत्पादकता दर्ज की है। प्रति बर्थ प्रतिदिन 35,059 मीट्रिक टन की उत्पादकता राष्ट्रीय औसत लगभग 18,000 मीट्रिक टन से लगभग दोगुनी है, जो इसकी उच्च दक्षता को दर्शाती है।
रणनीतिक सुधारों और परिचालन दक्षता के कारण विभिन्न कार्गो क्षेत्रों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। कुल कार्गो में तटीय परिवहन की हिस्सेदारी 42.06 प्रतिशत रही, जो 65.81 एमएमटी तक पहुंच गई। पारादीप बंदरगाह प्राधिकरण के अध्यक्ष पीएल हरनाध ने इस उपलब्धि पर सभी हितधारकों को बधाई दी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और राज्य मंत्री शांतनु ठाकुर के मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए रेल मंत्रालय, ओडिशा सरकार और सीमा शुल्क विभाग के सहयोग की भी सराहना की। इस तरह पारादीप बंदरगाह ने परिचालन और वित्तीय दोनों स्तरों पर नए मानक स्थापित करते हुए भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार कर लिया है।