संबलपुर, (निप्र) : महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (एमसीएल) ने ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुन: पुष्टि करते हुए, वित्त वर्ष 2025-26 में 210.75 मिलियन टन कोयले का प्रेषण कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है । एमसीएल ने वित्त वर्ष 2025-26 में 218.30 मिलियन टन के कुल कोयला उत्पादन के साथ 99.4 प्रतिशत उत्पादन पर्यावरण अनुकूल सरफेस माइनर के माध्यम से दर्ज किया। इसके साथ ही, पिछले वित्तीय वर्ष में 326.626 मिलियन घन मीटर ओवरबर्डन निकासी की है।
एमसीएल के पास वर्तमान में 43.76 मिलियन टन कोयले का भंडार उपलब्ध है, जो उपभोक्ताओं को पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करता है। फर्स्ट माइल कानेक्टिविटी (एफएमसी) प्रदर्शन में एमसीएल ने उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज करते हुए प्रतिदिन 34 रेक लोडिंग की, जो पिछले वित्तीय वर्ष के 17 रेक प्रतिदिन की तुलना में दोगुनी है। इस प्रकार, वित्त वर्ष 2025-26 में एफएमसी के माध्यम से सर्वाधिक रेक लोडिंग करने वाली सहायक कंपनी बन गई है। बीते वित्तीय वर्ष में भुवनेश्वरी ओसीपी, तालचेर कोलफील्ड्स में स्वचालित ट्रक लोडिंग प्रणाली (एटीएलएस) की शुरुआत की गई, जिसमें प्री-वेटिंग हॉपर के माध्यम से ट्रकों में कोयला लोडिंग का स्वचालन किया गया।
इस प्रणाली ने 8000 टन के लक्ष्य के विरुद्ध 9656 टन कोयला प्रेषण में योगदान दिया। वित्त वर्ष 2025-26 कंपनी के लिए समग्र रूप से उपलब्धियों का वर्ष रहा, जिसमें कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत 341 करोड़ रुपये का व्यय कर एक नया मील का पत्थर स्थापित किया गया। यह व्यय विशेष रूप से कोयला क्षेत्रों के दूरस्थ एवं परिधीय क्षेत्रों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान हेतु किया गया। उदय ए. काओले, अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक ने सफल वर्ष के लिए सभी अधिकारी, कर्मचारी, संविदा कंपनियों के कर्मी तथा अन्य हितधारक सहित पूरी एमसीएल टीम को बधाई दी। एमसीएल देश की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी है, जिसके खनन क्षेत्र ओडिशा के सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा और अनगुल जिलों में फैले हुए हैं, और यह राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।